लातूर शहर में उस समय तनाव फैल गया जब छत्रपति शिवाजी महाराज चौक में स्थापित मावलों के पुतलों को नगर निगम ने देर रात अचानक हटवा दिया। इस निर्णय ने मराठा समाज को गहरी ठेस पहुंचाई और देखते ही देखते आक्रोश सड़कों पर उतर आया। “रात्रीचा खेळ चाले” कहते हुए समाज के नेता और कार्यकर्ता पुतले हटाने के पीछे का कारण पूछते हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। कुछ ही देर में आंदोलन उग्र रूप लेता गया और दोपहर तक शहर के प्रमुख मार्गों पर पूर्ण रूप से रास्ता रोको की स्थिति बन गई।

चौक के आसपास वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे पूरे लातूर में यातायात व्यवस्था चरमरा गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई लोगों को हिरासत में लिया, लेकिन जनाक्रोश लगातार बढ़ता गया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की, हाथों में पोस्टर लिए नगर प्रशासन के निर्णय पर सवाल उठाए और पुतलों को पुनः स्थापित करने की मांग की। मौके पर मौजूद पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच कई बार तनावपूर्ण झड़पें भी देखने को मिलीं।





मराठा समाज के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि मावले इतिहास और गौरव का प्रतीक हैं। उनके पुतलों को बिना पूर्व सूचना हटाना समाज की भावनाओं को आहत करने वाला कदम है। उन्होंने प्रशासन से इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार कर पुतलों को पुनः स्थापित करने की मांग की। दूसरी ओर, अचानक हुए विरोध के कारण शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

प्रशासनिक अधिकारी समाज प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित कर स्थिति सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। इस घटना ने लातूर के सामाजिक वातावरण पर गहरा प्रभाव छोड़ा है और शहर में शांति व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आगे की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि शहर के सामाजिक संतुलन को बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।

Pratahkal Newsroom

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