लातूर औद्योगिक वसाहत के 'ट्यूशन एरिया' को नोटिस, व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद करने का आदेश
लातूर जिला उद्योग केंद्र ने नियमों के उल्लंघन पर ट्यूशन क्लासेस और हॉस्टल को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया है, जिससे हजारों छात्रों में चिंता है।

लातूर के औद्योगिक वसाहत क्षेत्र में संचालित एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान, जिसे जिला उद्योग केंद्र द्वारा गैर-औद्योगिक गतिविधियों के कारण बंद करने का नोटिस दिया गया है।
लातूर शहर के चर्चित ‘ट्यूशन एरिया’ पर अब प्रशासनिक कार्रवाई का गंभीर खतरा मंडराने लगा है। जिला उद्योग केंद्र की ओर से जारी तत्काल नोटिस के बाद औद्योगिक वसाहत क्षेत्र में संचालित निजी कोचिंग क्लासेस, अभ्यासिकाएं, छात्रावास, खानावली और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भारी खलबली मच गई है। “क्या उद्योगों के अलावा सभी व्यवसाय बंद होंगे?” इस सवाल ने हजारों विद्यार्थियों, अभिभावकों और व्यवसायियों की चिंता बढ़ा दी है।
करीब 27 एकड़ में फैली यह औद्योगिक वसाहत मूल रूप से उत्पादन आधारित उद्योगों के लिए आरक्षित थी। शासन के नियमानुसार यहां केवल उत्पादन से जुड़े उद्योगों को ही अनुमति दी गई थी। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र का स्वरूप पूरी तरह बदल गया। उद्योगों की जगह बड़े पैमाने पर कमर्शियल इमारतें, निजी ट्यूशन क्लासेस, अभ्यासिकाएं, छात्रावास, खानावली, स्कूल और अन्य व्यवसायिक गतिविधियां शुरू हो गईं।
स्थिति यह हो गई कि पूरे परिसर में उद्योग ढूंढना मुश्किल हो गया है। शिक्षा के नाम पर नियमों के विरुद्ध निर्माण लगातार होते गए और पूरी औद्योगिक वसाहत ‘ट्यूशन एरिया’ के रूप में पहचान बनाने लगी। कई इमारतों के पास आवश्यक अनुमति नहीं होने की बात भी सामने आई है।
सूचना के अधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार की गई शिकायतों के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। जिलाधिकारी स्तर पर हुई सुनवाई के बाद जिला उद्योग केंद्र के महाव्यवस्थापक श्री निखील पाटील ने लातूर औद्योगिक वसाहत सहकारी संस्था के अध्यक्ष को तत्काल नोटिस जारी की। नोटिस में उत्पादन गतिविधियों के अलावा संचालित सभी व्यवसाय तुरंत बंद कर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का पालन नहीं होने पर संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
इस नोटिस के बाद पूरे क्षेत्र में भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। हजारों विद्यार्थियों के भविष्य, कोचिंग संस्थानों पर निर्भर शिक्षकों की आजीविका, छात्रावास संचालकों और खानावली व्यवसायियों की रोजी-रोटी पर संकट गहराने लगा है। अभिभावकों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि यदि कार्रवाई हुई तो विद्यार्थियों का क्या होगा।
इस बीच लातूर औद्योगिक वसाहत सहकारी संस्था की भूमिका अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। संस्था का कार्यालय कहां है, अध्यक्ष और सचिव कौन हैं, इसे लेकर भी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
दूसरी ओर, NEET परीक्षा पेपर लीक मामले से पहले ही सुर्खियों में आए लातूर में सीबीआई की गतिविधियों ने माहौल और तनावपूर्ण बना दिया है। सीबीआई की टीम पिछले आठ दिनों से शहर में डेरा डाले हुए है। शनिवार दोपहर अधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का दौरा किया, जिसके बाद चर्चाओं को और बल मिला। हालांकि इस मुलाकात में क्या चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
आरसीसी क्लासेस के प्रमुख प्रा. शिवराज मोटेगावकर की गिरफ्तारी के बाद निजी कोचिंग जगत में पहले से ही भारी बेचैनी है। अब आगे और कार्रवाई होने की आशंका जताई जा रही है।
सीबीआई ने खाडगांव रोड स्थित स्वामी बाल रुग्णालय के डॉ. विनोद स्वामी से पूछताछ की है और उनका मोबाइल जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं औसा रोड स्थित देशमुख हॉस्पिटल के डॉ. मनोज देशमुख के मोबाइल और लैपटॉप भी जब्त किए गए हैं तथा उन्हें नोटिस जारी किए जाने की खबर है। शहर के एक अन्य डॉक्टर से भी पूछताछ की संभावना जताई जा रही है।
एक समय उद्योगों के लिए विकसित किया गया यह इलाका आज शिक्षा का बड़ा केंद्र बन चुका है, लेकिन अब उसी ‘ट्यूशन एरिया’ पर प्रशासनिक कार्रवाई की तलवार लटक रही है। हजारों विद्यार्थियों के सपने, सैकड़ों शिक्षकों की आजीविका और करोड़ों रुपये का निवेश आने वाले दिनों में प्रशासनिक फैसलों पर निर्भर करेगा। पूरे लातूर की नजर अब इसी मामले पर टिकी हुई है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
