लातूर ट्यूशन एरिया में अवैध निर्माण पर सुनवाई, क्या चलेगा बुलडोजर?
नीट पेपर लीक मामले के बाद लातूर की औद्योगिक वसाहत में कोचिंग सेंटरों द्वारा किए गए अतिक्रमण और अवैध निर्माणों पर 22 मई को जिलाधिकारी कार्यालय में सुनवाई होगी।

लातूर के चर्चित ट्यूशन एरिया में स्थित औद्योगिक वसाहत के भूखंडों पर बने अवैध कोचिंग संस्थानों और हॉस्टल इमारतों के अतिक्रमण मामले में 22 मई 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी तय हुई है।
एक समय उद्योग-धंधों के लिए प्रसिद्ध औद्योगिक वसाहत आज निजी कोचिंग संस्थानों के साम्राज्य में बदल चुकी है। उद्योगों के स्थान पर अब आलीशान हॉल, करोड़ों की हॉस्टल इमारतें, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और कथित अवैध निर्माण खड़े हो चुके हैं। इसी पृष्ठभूमि में अब इस पूरे “ट्यूशन एरिया” पर प्रशासनिक कार्रवाई और बुलडोज़र चलने की आशंका ने शहर में हलचल बढ़ा दी है।
नीट पेपर लीक प्रकरण में प्रा. Shivraj Motegaonkar की गिरफ्तारी के बाद पूरे राज्य का ध्यान लातूर पर केंद्रित हो गया है। इसी घटनाक्रम के बीच शहर के चर्चित ट्यूशन एरिया में स्थित औद्योगिक वसाहत के अतिक्रमण और अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रशासनिक निर्णय आने की संभावना जताई जा रही है। इस मामले की सुनवाई 22 मई 2026 को दोपहर 4 बजे जिल्हाधिकारी कार्यालय में निर्धारित है, जिसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
औद्योगिक वसाहत का मूल उद्देश्य रोजगार सृजन और उद्योगों का विकास था, लेकिन समय के साथ कुछ भूखंडों पर निजी कोचिंग संस्थानों का विस्तार होने का आरोप सामने आया है। उद्योगों के स्थान पर अब भव्य इमारतें, कोचिंग सेंटर, हॉस्टल और व्यापारिक परिसर विकसित हो गए हैं। इन निर्माणों को लेकर नियमों के उल्लंघन और बिना अनुमति निर्माण के गंभीर आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता Mallikarjun Bhaikatti ने इस पूरे मामले में लगातार प्रशासनिक स्तर पर शिकायतें दर्ज कराते हुए जांच की मांग उठाई है। उन्होंने जिला भ्रष्टाचार निर्मूलन समिति में शिकायत की थी, जिसके बाद 18 नवंबर 2025 को संबंधित अधिकारियों को 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए थे। हालांकि, आरोप है कि इसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
नीट पेपर लीक मामले ने पहले ही लातूर की शिक्षा व्यवस्था पर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस प्रकरण में सीबीआई द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए कुछ प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद अब कोचिंग क्षेत्र के आर्थिक लेन-देन, अवैध निर्माण और कथित राजनीतिक संरक्षण की जांच की संभावना भी जताई जा रही है।
शहर में यह भी चर्चा है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने राजनीतिक संरक्षण के तहत शिक्षा के नाम पर बड़ा व्यावसायिक नेटवर्क खड़ा किया है। इससे जुड़े नियमों के उल्लंघन और अवैध संरचनाओं पर अब सवाल और गहरे हो गए हैं।
सीबीआई की जांच टीम पिछले कुछ दिनों से लातूर में सक्रिय है। इस जांच में दो डॉक्टरों के नाम सामने आ रहे हैं, जिनमें से एक से पूछताछ होने की सूचना है, जबकि दूसरा डॉक्टर सीबीआई के संपर्क में नहीं आ रहा है। दोनों डॉक्टरों के औसा रोड परिसर में बड़े अस्पताल होने की चर्चा है। साथ ही, कुछ अन्य प्रभावशाली लोगों पर भी जांच की तलवार लटकी होने की जानकारी सामने आ रही है।
यदि 22 मई की सुनवाई में औद्योगिक वसाहत के अतिक्रमण और अवैध निर्माणों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश जारी होते हैं, तो लातूर के कोचिंग क्षेत्र में बड़ा बदलाव संभव है। वहीं, कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में प्रशासन पर गंभीर सवाल उठने की संभावना है। इसी के साथ पूरा शहर एक ही सवाल के जवाब का इंतजार कर रहा है—क्या “ट्यूशन एरिया” पर बुलडोज़र चलेगा?

Pratahkal Bureau
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