एक समय उद्योग-धंधों के लिए प्रसिद्ध औद्योगिक वसाहत आज निजी कोचिंग संस्थानों के साम्राज्य में बदल चुकी है। उद्योगों के स्थान पर अब आलीशान हॉल, करोड़ों की हॉस्टल इमारतें, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और कथित अवैध निर्माण खड़े हो चुके हैं। इसी पृष्ठभूमि में अब इस पूरे “ट्यूशन एरिया” पर प्रशासनिक कार्रवाई और बुलडोज़र चलने की आशंका ने शहर में हलचल बढ़ा दी है।

नीट पेपर लीक प्रकरण में प्रा. Shivraj Motegaonkar की गिरफ्तारी के बाद पूरे राज्य का ध्यान लातूर पर केंद्रित हो गया है। इसी घटनाक्रम के बीच शहर के चर्चित ट्यूशन एरिया में स्थित औद्योगिक वसाहत के अतिक्रमण और अवैध निर्माणों पर बड़ा प्रशासनिक निर्णय आने की संभावना जताई जा रही है। इस मामले की सुनवाई 22 मई 2026 को दोपहर 4 बजे जिल्हाधिकारी कार्यालय में निर्धारित है, जिसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

औद्योगिक वसाहत का मूल उद्देश्य रोजगार सृजन और उद्योगों का विकास था, लेकिन समय के साथ कुछ भूखंडों पर निजी कोचिंग संस्थानों का विस्तार होने का आरोप सामने आया है। उद्योगों के स्थान पर अब भव्य इमारतें, कोचिंग सेंटर, हॉस्टल और व्यापारिक परिसर विकसित हो गए हैं। इन निर्माणों को लेकर नियमों के उल्लंघन और बिना अनुमति निर्माण के गंभीर आरोप भी लगाए जा रहे हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता Mallikarjun Bhaikatti ने इस पूरे मामले में लगातार प्रशासनिक स्तर पर शिकायतें दर्ज कराते हुए जांच की मांग उठाई है। उन्होंने जिला भ्रष्टाचार निर्मूलन समिति में शिकायत की थी, जिसके बाद 18 नवंबर 2025 को संबंधित अधिकारियों को 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए थे। हालांकि, आरोप है कि इसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

नीट पेपर लीक मामले ने पहले ही लातूर की शिक्षा व्यवस्था पर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस प्रकरण में सीबीआई द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए कुछ प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद अब कोचिंग क्षेत्र के आर्थिक लेन-देन, अवैध निर्माण और कथित राजनीतिक संरक्षण की जांच की संभावना भी जताई जा रही है।

शहर में यह भी चर्चा है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने राजनीतिक संरक्षण के तहत शिक्षा के नाम पर बड़ा व्यावसायिक नेटवर्क खड़ा किया है। इससे जुड़े नियमों के उल्लंघन और अवैध संरचनाओं पर अब सवाल और गहरे हो गए हैं।

सीबीआई की जांच टीम पिछले कुछ दिनों से लातूर में सक्रिय है। इस जांच में दो डॉक्टरों के नाम सामने आ रहे हैं, जिनमें से एक से पूछताछ होने की सूचना है, जबकि दूसरा डॉक्टर सीबीआई के संपर्क में नहीं आ रहा है। दोनों डॉक्टरों के औसा रोड परिसर में बड़े अस्पताल होने की चर्चा है। साथ ही, कुछ अन्य प्रभावशाली लोगों पर भी जांच की तलवार लटकी होने की जानकारी सामने आ रही है।

यदि 22 मई की सुनवाई में औद्योगिक वसाहत के अतिक्रमण और अवैध निर्माणों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश जारी होते हैं, तो लातूर के कोचिंग क्षेत्र में बड़ा बदलाव संभव है। वहीं, कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में प्रशासन पर गंभीर सवाल उठने की संभावना है। इसी के साथ पूरा शहर एक ही सवाल के जवाब का इंतजार कर रहा है—क्या “ट्यूशन एरिया” पर बुलडोज़र चलेगा?

Limbraj Panhalkar (Latur)

Limbraj Panhalkar (Latur)

नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर

वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)

कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)

बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग

अनुभव: 20 साल

परिचय

लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

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