लातूर के विलासराव देशमुख मार्ग पर स्थित पुराने रेललाइन रोड की हालत बीते कई महीनों से लगातार बदतर हो रही है, लेकिन स्थिति अब इतनी गंभीर हो चुकी है कि नागरिकों का सब्र जवाब दे गया। निक्की बार से सरोवत मंगल कार्यालय तक फैले इस मार्ग पर जगह-जगह बने गहरे खड्डों ने न केवल वाहनों की रफ्तार रोकी है, बल्कि राहगीरों की जान तक खतरे में डाल दी है। कई दुर्घटनाओं में जानें भी जा चुकी हैं, जिसके बाद क्षेत्र के नागरिकों ने आज सड़क के खड्डों में बैठकर अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया।

प्रभाग 12 के लोगों ने 5 दिसंबर की सुबह 10:30 बजे जाधव किराणा स्टोर और तिरुपति पानपट्टी परिसर में यह तीव्र निषेध आंदोलन आयोजित किया। नागरिकों का कहना था कि यह सड़क अब ‘खड्डों में सड़क है या सड़क में खड्डे’—ऐसी स्थिति पैदा कर चुकी है। रोजमर्रा की यात्रा, आपातकालीन सेवाएँ या सामान्य आवाजाही—हर कदम पर खतरा मंडरा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने तंज करते हुए कहा कि यदि किसी को लातूरकरों को “फुकट में डिलीवरी” करनी हो, तो बस इस पुराने रेललाइन रोड से होकर गुजरे, स्थिति साफ समझ में आ जाएगी।




आंदोलन में एडवोकेट गणेश गोमचाळे, दीपाताई गीते, अमोल गीते, पूर्व नगरसेवक देवाभाऊ साळुंखे सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। उन्होंने गहरे खड्डों को तत्काल भरने, सड़क की संपूर्ण मरम्मत करने और दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार बाधाओं को दूर करने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार कार्य शुरू नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा।

जर्जर सड़क से उत्पन्न हो रहा यह संकट न केवल नागरिकों के लिए एक दिनचर्या का संघर्ष बन गया है, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि समाधान के बिना क्षेत्र का यातायात और नागरिक जीवन और अधिक खतरे में पड़ेगा।

Pratahkal Newsroom

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