लातूर में मशहूर हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मेहुल राठोड ने एनेस्थेटिक इंजेक्शन लेकर दी जान, वजह अब भी रहस्य
लातूर के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मेहुल ईश्वर राठोड ने एनेस्थेटिक इंजेक्शन लेकर आत्महत्या की। सुसाइड नोट नहीं मिला, पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी है।

तस्वीर में लातूर पुलिस घटनास्थल पर खड़ी गाड़ियों के पास जांच करती हुई और कोने में दिवंगत डॉ. मेहुल राठोड की तस्वीर दिख रही है।
लातूर के चिकित्सा क्षेत्र और पूरे शहर को झकझोर देने वाली घटना में एम. जे. हॉस्पिटल के संचालक तथा प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मेहुल ईश्वर राठोड (47) ने स्वयं एनेस्थेटिक (भूल) इंजेक्शन लेकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है, लेकिन इतने सफल और प्रतिष्ठित डॉक्टर ने यह कदम क्यों उठाया, इसका जवाब अब तक नहीं मिल सका है। इसी कारण चिकित्सा जगत के साथ पूरे लातूर शहर में शोक का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. राठोड बुधवार दोपहर अपनी चारपहिया कार से घर से निकले थे। काफी समय बीतने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटे तो परिवार ने उनसे मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन न तो फोन लग पाया और न ही संदेशों का कोई जवाब मिला। इसके बाद उनकी डॉक्टर पत्नी ने मोबाइल की लोकेशन जांची, जिसमें उनकी कार एमआईटी कॉलेज के आगे अंबाजोगाई रोड के किनारे खड़ी मिली।
परिजन मौके पर पहुंचे तो डॉ. राठोड कार की चालक सीट पर सीट बेल्ट लगाए अकेले मिले। उनके पास एनेस्थेटिक इंजेक्शन और उससे संबंधित सामग्री भी बरामद हुई। उन्हें तत्काल फुलाबाई हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शव परीक्षण के बाद गुरुवार को लातूर स्थित मारवाड़ी श्मशान भूमि में शोकाकुल वातावरण में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान चिकित्सा क्षेत्र के अनेक डॉक्टर, विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग, मित्र, रिश्तेदार तथा उनके उपचार से लाभान्वित हुए बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। सभी के मन में एक ही सवाल था कि इतने सफल डॉक्टर ने आखिर ऐसा कदम क्यों उठाया।
डॉ. मेहुल राठोड अपनी कुशल उपचार पद्धति, मरीजों के प्रति आत्मीय व्यवहार और सादगी के कारण लातूर में विशेष रूप से लोकप्रिय थे। उनके असामयिक निधन से चिकित्सा क्षेत्र को बड़ी क्षति पहुंची है। उनके परिवार में उनकी मां, पत्नी और एक बेटा हैं।
इस मामले में एमआईडीसी पुलिस थाने में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में मौत आत्महत्या से होने की पुष्टि हुई है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह अब भी रहस्य बनी हुई है और पुलिस सभी पहलुओं से मामले की गहन जांच कर रही है।

Limbraj Panhalkar (Latur)
नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर
वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)
कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)
बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग
अनुभव: 20 साल
परिचय
लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
