लातूर: नाईक चौक पर फिर बिखरा खून, तेज रफ्तार कार की टक्कर से स्कूटी सवार युवती की मौत, गुस्साए लोगों का राष्ट्रीय महामार्ग जाम
लातूर के वसंतराव नाईक चौक पर तेज रफ्तार कार की टक्कर से स्कूटी सवार प्रतिक्षा ताराचंद राठोड की मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों और नागरिकों ने राष्ट्रीय महामार्ग पर रास्ता रोको कर टायर जलाए, जिससे यातायात ठप हो गया। सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन पर सवाल उठे।

लातूर शहर एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसे से दहल उठा। रत्नापूर–नागपुर राष्ट्रीय महामार्ग पर स्थित वसंतराव नाईक चौक में तेज रफ्तार चारपहिया वाहन की जोरदार टक्कर से स्कूटी सवार प्रतिक्षा ताराचंद राठोड (निवासी, लातूर) की मौके पर ही मौत हो गई। यह भीषण हादसा 31 दिसंबर की रात को हुआ, जिसने शहर को शोक और आक्रोश में डुबो दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रतिक्षा ताराचंद राठोड स्कूटी से जा रही थीं, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि प्रतिक्षा को गंभीर चोटें आईं और इलाज से पहले ही उनकी मौत हो गई। हादसे की खबर फैलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
घटना के बाद आज सुबह मृतका के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने शव को एंबुलेंस से सीधे महामार्ग पर लाकर रास्ता रोको आंदोलन शुरू कर दिया। गुस्से में आए प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर अपना आक्रोश जताया, जिससे राष्ट्रीय महामार्ग पर कुछ समय के लिए पूरी तरह यातायात ठप हो गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राजीव गांधी चौक से गरूड चौक तक फैला यह राष्ट्रीय महामार्ग लंबे समय से जानलेवा साबित हो रहा है। आंदोलकों ने आरोप लगाया कि अब तक इस मार्ग पर सौ से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। अपर्याप्त यातायात व्यवस्था, तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण का अभाव और स्पीड ब्रेकर न होने के कारण यह सड़क “मौत का महामार्ग” बन चुकी है।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक आरोपी चालक की तत्काल गिरफ्तारी नहीं होती और वसंतराव नाईक चौक सहित पूरे महामार्ग पर स्पीड ब्रेकर नहीं लगाए जाते, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। परिजनों और नागरिकों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हर हादसे के बाद केवल आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
रास्ता रोको आंदोलन के कारण दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों, दैनिक आवागमन करने वाले नागरिकों और आपातकालीन सेवाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
लगातार हो रहे हादसे, निर्दोष लोगों की मौत और प्रशासन की धीमी प्रतिक्रिया ने लातूरवासियों के सब्र की परीक्षा ले ली है। वसंतराव नाईक चौक पर हुई यह ताजा घटना एक बार फिर सवाल खड़ा कर रही है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा और इस जानलेवा महामार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाएगा।

Limbraj Panhalkar (Latur)
नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर
वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)
कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)
बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग
अनुभव: 20 साल
परिचय
लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
