लातूर। महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय भूचाल आ गया जब भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण द्वारा राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय विलासराव देशमुख के विरुद्ध कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की गई। इस बयान की आग मंगलवार, 7 जनवरी 2026 को स्वर्गीय देशमुख के पैतृक गांव बाभलगांव में स्पष्ट रूप से देखने को मिली। अपने जनप्रिय नेता के प्रति किए गए अमर्यादित शब्दों से क्षुब्ध होकर ग्रामीणों और समर्थकों ने बाभलगांव में 'चक्का जाम' कर दिया और पूरे दिन गांव में कड़कड़ीत बंद रखा गया।

सुबह नौ बजते ही बाभलगांव की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया, क्योंकि स्थानीय व्यापारियों, युवाओं और सामान्य नागरिकों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रखकर विरोध दर्ज कराया। हालांकि, यह शांति अधिक समय तक नहीं रही और जल्द ही जनसैलाब सड़कों पर उतर आया। इस विरोध प्रदर्शन की विशेष बात यह रही कि इसमें महिलाओं ने बड़ी संख्या में शिरकत की। प्रदर्शनकारियों ने रवींद्र चव्हाण के प्रतीकात्मक पुतले को जूते मारकर अपना तीव्र रोष व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना था कि स्वर्गीय विलासराव देशमुख केवल बाभलगांव के ही नहीं, बल्कि संपूर्ण महाराष्ट्र के गौरव थे और उनके खिलाफ की गई कोई भी टिप्पणी महाराष्ट्र की अस्मिता पर प्रहार है।

आंदोलन के दौरान "महापुरुषों का अपमान सहन नहीं किया जाएगा" जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। स्थिति की गंभीरता और बढ़ते तनाव को देखते हुए लातूर ग्रामीण पुलिस स्टेशन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस निरीक्षक अरविंद पवार, बाभलगांव बीट के बीट जमादार तांबोळी, गोपनीय शाखा के मुकेश कोळी, पुलिस कॉन्स्टेबल पठाण और पुलिस पाटिल मुक्ताराम पिटले सहित भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

इस घटना ने न केवल बाभलगांव बल्कि पूरे लातूर जिले के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। जिले के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी का सिलसिला जारी है। आंदोलनकारियों ने प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी है कि जब तक रवींद्र चव्हाण अपने विवादित बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं, बल्कि इसे और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति में महापुरुषों के सम्मान और राजनीतिक शिष्टाचार पर एक नई बहस छेड़ गया है।

Limbraj Panhalkar (Latur)

Limbraj Panhalkar (Latur)

नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर

वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)

कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)

बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग

अनुभव: 20 साल

परिचय

लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

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