लातूर प्रतिनिधि: शहर के साहित्यरत्न लोकशाहीर अन्नाभाऊ साठे चौक से निकले सकल मातंग समाज के महा आक्रोश मोर्चा को प्रचंड प्रतिसाद मिला। नवोदय विद्यालय की छात्रा अनुष्का पाटोळे की मृत्यु के मामले में प्रशासन की भूमिका के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने तीव्र गुस्सा व्यक्त किया। इस समय जिलाधिकारी वर्षा ठाकुर घुगे की कार्यप्रणाली पर नारेबाजी करते हुए निषेध व्यक्त किया गया।

माता का भावनात्मक आरोप और मांगें

मोर्चे में अनुष्का की मां ने भावनात्मक आक्रोश व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि "मेरी बेटी ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उसका खून हुआ है।" परिसर इन मांगों से गूंज उठा कि अनुष्का को न्याय मिले, मामले को आत्महत्या की ओर मोड़ने वाली भूमिका बंद की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। प्रशासन का यह बयान कि चार लाख का फंड दिया गया है, उसे भी झूठा करार देते हुए आरोप लगाया गया।

मोर्चे में शामिल प्रमुख संगठन और पदाधिकारी

इस मोर्चे में जिले और राज्य से दलित समाज के निम्नलिखित संगठन और पदाधिकारी उपस्थित थे:

  • संगठन: डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया, वंचित बहुजन आघाडी, लोकनायक सामाजिक संगठन, एबीएस फोर्स, लहुजी शक्ति सेना, महाराष्ट्र युवाशक्ति सेना, भीम आर्मी संगठन, वारणेचा वाघ मित्र मंडल, युवा भीमसेना सोलापुर, विद्रोही संगठन, आधुनिक लहुजी सेना, भीम अन्ना सामाजिक संगठन, आर के ग्रुप, एकता ऑटो इंडियन।
  • पदाधिकारी: अजिंक्य चांदणे, गणपत भिसे, नगीनाताई कांबले, महेश डोलारे, सुनील सौदागर, पिराजी साठे, विकास कांबले, महादुभाऊ रसाळ, सचिंद्र कांबले, श्याम चव्हाण, सुनील बसपुरे, नूतन हनमंते, अश्विन कांबले, महादेव मस्के, राजेंद्र लोदगेकर, राहुल क्षीरसागर, राज क्षीरसागर, अशोक मगर, विजय लोढे, रवी कदम, रवी शिंदे, नागेश क्षीरसागर, रवी अर्जुने।

इसके साथ ही अनुष्का पाटोळे के माता-पिता और रिश्तेदार भी उपस्थित थे। मोर्चे में संकल्प लिया गया कि न्याय मिलने तक यह लड़ाई जारी रहेगी।

हत्या का संदेह और चोटों के निशान

परिजनों के अनुसार, अनुष्का की मृत्यु को आत्महत्या कहने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है। उसके हाथ में हुआ फ्रैक्चर, तलवों पर काले-नीले निशान और सिर पर लगी चोट से यह संदेह व्यक्त किया गया कि उसे मारपीट कर मार दिया गया है। पुलिस जांच की दिशा बदलकर हत्या के कोण से पूछताछ करे, ऐसी पुरजोर मांग मोर्चे में की गई।

प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन और मुख्य मांगें

मोर्चा निकालने वालों ने प्रशासन को विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रमुख मांगें शामिल हैं:

  • पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में निष्पक्ष जांच समिति का गठन करना।
  • मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाना।
  • संबंधित पदाधिकारियों की जांच कर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करना।
  • एसआईटी (SIT) प्रमुख जांच अधिकारी को बदलना और मोबाइल सीडीआर की जांच करना।
  • अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (एट्रोसिटी एक्ट) का कड़ाई से कार्यान्वयन करना और दोषियों को कठोर सजा देना।
संघर्ष का अल्टीमेटम

मोर्चे का नेतृत्व पूर्व नगरसेवक जी. ए. गायकवाड़ और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश चव्हाण ने किया। आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अनुष्का पाटोळे मामले में न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

Limbraj Panhalkar (Latur)

Limbraj Panhalkar (Latur)

नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर

वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)

कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)

बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग

अनुभव: 20 साल

परिचय

लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

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