लातूर पुलिस का आंतरराज्यीय पशु चोर गिरोह पर बड़ा प्रहार, 41 चोरी के मामले उजागर, 3 आरोपी गिरफ्तार
लातूर पुलिस ने आंतरराज्यीय पशु चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए परभणी के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में 41 पशु चोरी के मामलों का खुलासा हुआ और 24.68 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। हरियाणा के छह फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

तस्वीर में लातूर की स्थानीय गुन्हे शाखा (लोकल क्राइम ब्रांच) कार्यालय के बाहर पुलिस अधिकारी और जवान खड़े नजर आ रहे हैं, जिनके साथ तीन गिरफ्तार आरोपी और बरामद नकदी भी दिखाई दे रही है।
लातूर जिले में लगातार बढ़ रही पशु चोरी की घटनाओं के बीच स्थानीय अपराध शाखा ने आंतरराज्यीय पशु चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने परभणी जिले के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में लातूर जिले के 24 तथा बीड, जालना, नांदेड और हिंगोली जिलों के 17 सहित कुल 41 पशु चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है। आरोपियों के कब्जे से 24 लाख 68 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जो जांच में पशुओं के मांस की बिक्री से प्राप्त होना सामने आया है।
लगातार हो रही पशु चोरी की घटनाओं से किसानों में भय का माहौल बना हुआ था। इस पर पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे ने स्थानीय अपराध शाखा को इन मामलों का खुलासा करने के विशेष निर्देश दिए थे। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक मंगेश चव्हाण के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक सुधाकर बावकर के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया।
विशेष जांच दल ने कई दिनों तक तकनीकी विश्लेषण, गुप्त सूचना संकलन, संदिग्धों पर निगरानी तथा विभिन्न जिलों में गोपनीय जांच की, जिसके बाद पुलिस आंतरराज्यीय गिरोह तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस को 6 अगस्त 2026 को गुप्त सूचना मिली कि किनगांव-पिंपळखेड मार्ग स्थित शिरसाठवाड़ी फाटा क्षेत्र में हरियाणा के सरगना अपराधियों के साथ कुछ आरोपी लेनदेन के लिए आने वाले हैं। सूचना के आधार पर स्थानीय अपराध शाखा ने इलाके में जाल बिछाया। पुलिस की मौजूदगी का आभास होते ही आरोपी पिकअप वाहन से फरार होने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस ने पीछा कर तीन आरोपियों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अतिक सुलतान कुरेशी निवासी गंगाखेड, जिला परभणी, मुजाहिद बाबू खाटीक निवासी परभणी तथा साजू गफार कुरेशी निवासी पालम, जिला परभणी के रूप में हुई है। वहीं नियाज उर्फ महंमद नवाब निवासी हरियाणा, आस मोहम्मद सिरदार निवासी हरियाणा तथा हरियाणा के चार अन्य साथी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और विभिन्न मामलों से जुड़ी जानकारी सामने रखे जाने के बाद उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि उन्होंने लातूर, बीड, जालना, नांदेड और हिंगोली जिलों के विभिन्न गांवों से बैल, गाय, भैंस और बछड़ों सहित अन्य पशुओं की चोरी कर उनकी हत्या की तथा मांस बेचकर लाखों रुपये कमाए।
जांच में लातूर जिले के रेणापुर, जळकोट, लातूर ग्रामीण, उदगीर ग्रामीण, चाकूर, किनगांव, अहमदपूर, औसा और कारार शिरसी पुलिस थानों में दर्ज 24 मामलों का खुलासा हुआ है। इसके अलावा बीड, जालना, नांदेड और हिंगोली जिलों के 17 मामलों की भी आरोपियों ने स्वीकारोक्ति की है। संबंधित पुलिस थानों को इसकी जानकारी दे दी गई है।
जांच के दौरान आरोपियों से 24 लाख 68 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह राशि पशु चोरी कर मांस की बिक्री से अर्जित की गई थी। विभिन्न मामलों में आवश्यक पंचनामा कर इस रकम को जब्त कर लिया गया है।
इस कार्रवाई से कई महीनों से पशु चोरी से परेशान किसानों को बड़ी राहत मिली है। स्थानीय अपराध शाखा ने एक ही कार्रवाई में आंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 41 मामलों का खुलासा करने में सफलता हासिल की है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे के निर्देश तथा अपर पुलिस अधीक्षक मंगेश चव्हाण के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक सुधाकर बावकर के नेतृत्व में की गई। इस अभियान में सहायक पुलिस निरीक्षक पांडुरंग माने, पुलिस उपनिरीक्षक राजेश घाडगे, अमर केंद्रे तथा स्थानीय अपराध शाखा के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने साहस, सतर्कता और पेशेवर दक्षता के साथ जांच पूरी कर इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को सफल बनाया।

Limbraj Panhalkar (Latur)
नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर
वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)
कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)
बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग
अनुभव: 20 साल
परिचय
लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
