लातूर। महाराष्ट्र के लातूर जिले में स्थित प्रतिष्ठित जवाहर नवोदय आवासीय विद्यालय एक बार फिर विवादों के घेरे में है। औसा तालुका के टाका गांव की निवासी और छठी कक्षा की छात्रा अनुष्का किरण पाटोले की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। विद्यालय प्रशासन जहां इसे आत्महत्या का मामला बता रहा है, वहीं मृतका के परिजनों ने इसे साजिश करार देते हुए प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। सोमवार को न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने लातूर के हृदय स्थल महात्मा गांधी चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे शहर में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।

घटनाक्रम की शुरुआत रविवार सुबह करीब 8 बजे हुई, जब विद्यालय प्रशासन ने अनुष्का के परिजनों को फोन कर सूचना दी कि उनकी बेटी बीमार है और उसका उपचार चल रहा है। आनन-फानन में उसे शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (जीएमसी) में भर्ती कराया गया, लेकिन कुछ ही समय बाद परिजनों को सूचित किया गया कि अनुष्का ने आत्महत्या कर ली है। इस खबर ने परिवार के पैरों तले जमीन खिसका दी। परिजनों का आरोप है कि प्रशासन तथ्यों को छिपा रहा है और घटना के पीछे कोई गहरा रहस्य है। सोमवार दोपहर जब शव का पोस्टमार्टम चल रहा था, तभी आक्रोशित महिलाएं और रिश्तेदार अचानक गांधी चौक पहुंच गए और सड़क जाम कर दी। महिलाओं ने अपनी साड़ियों और कपड़ों को रस्सी की तरह बांधकर रास्ता रोक लिया और "हमें हमारा बच्चा वापस दो" के नारों के साथ अपना दर्द बयां किया।

कानूनी कार्रवाई में हो रही देरी ने आग में घी डालने का काम किया है। परिजनों का साफ कहना है कि जब तक विद्यालय प्रशासन के खिलाफ लापरवाही और हत्या का मामला दर्ज नहीं होता, वे शव को कब्जे में नहीं लेंगे। चौंकाने वाली बात यह है कि घटना को 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद लातूर एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में अब तक कोई प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है। पुलिस को प्रदर्शनकारी महिलाओं को सड़क से हटाने और यातायात बहाल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

जवाहर नवोदय विद्यालय, लातूर पहले भी फूड पॉइजनिंग, छात्रों के उत्पीड़न और आत्महत्या जैसी घटनाओं के कारण सुर्खियों में रहा है। बार-बार होने वाली इन घटनाओं ने संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। अनुष्का किरण पाटोले की मौत ने न केवल एक परिवार का चिराग बुझा दिया है, बल्कि आवासीय विद्यालयों में पढ़ रहे हजारों बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी समाज में गहरी चिंता पैदा कर दी है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या इस मासूम को न्याय मिल पाएगा।

Limbraj Panhalkar (Latur)

Limbraj Panhalkar (Latur)

नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर

वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)

कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)

बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग

अनुभव: 20 साल

परिचय

लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

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