यात्रा में आकाशपाळना बना हादसे की वजह, बाल बेरिंग में फंसने से 15 वर्षीय छात्रा गंभीर घायल
लातूर के जवळगा साकोळ की यात्रा में आकाशपाळना हादसे में 15 वर्षीय छात्रा मानवी गोविंद येलके गंभीर घायल हुई। घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

तस्वीर में बायीं तरफ एक पारंपरिक पोशाक में लड़की खड़ी दिखाई दे रही है और दाईं तरफ रात के समय रोशनी से जगमगाता हुआ आकाशपाळना नजर आ रहा है।
लातूर जिले के देवणी तालुका स्थित जवळगा साकोळ में अखंड हरिनाम सप्ताह के अवसर पर लगी यात्रा में रविवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। यात्रा में लगे घूमने वाले आकाशपाळना में बैठी नवमी कक्षा की 15 वर्षीय छात्रा मानवी गोविंद येलके के लंबे बाल पाळना के बेरिंग में फंस गए, जिससे उसके सिर के पूरे बाल उखड़ गए और सिर की त्वचा का बड़ा हिस्सा निकल गया। इस भीषण हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तत्काल लातूर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अतिदक्षता विभाग में उसका उपचार जारी है। चिकित्सकीय सूत्रों के अनुसार उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार मानवी रविवार शाम अपनी सहेलियों के साथ यात्रा में लगे आकाशपाळना का आनंद लेने के लिए बैठी थी। इसी दौरान पाळना की रफ्तार बढ़ने पर उसके लंबे बाल बेरिंग में फंस गए। देखते ही देखते यह भयावह हादसा हो गया। घटना के बाद यात्रा परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पाळना रुकवाया, छात्रा को सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल लातूर के निजी अस्पताल पहुंचाया।
हादसे में मानवी के सिर की त्वचा बड़े पैमाने पर उधड़ गई है और रक्तवाहिनियों को भी गंभीर क्षति पहुंची है। जानकारी के अनुसार उसकी स्थिति को देखते हुए विभिन्न प्रकार की शल्यक्रियाओं और विशेष उपचार की आवश्यकता बताई जा रही है।
मानवी पढ़ाई में होनहार छात्रा बताई जाती है। उसके माता-पिता मजदूरी करने के साथ-साथ बकरियां चराकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। इस अचानक हुए हादसे से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उपचार पर आने वाला भारी खर्च भी परिवार के सामने बड़ी चुनौती बन गया है। गांव के लोग उसकी जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं और परिवार की आर्थिक सहायता के लिए भी अपील की जा रही है।
इस घटना के बाद यात्राओं में लगाए जाने वाले आकाशपाळना और अन्य मनोरंजन उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे सभी उपकरणों की तकनीकी जांच के बाद ही अनुमति दी जाए तथा सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने वाले संचालकों को ही संचालन की अनुमति मिले। साथ ही किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग उठ रही है।
सुरक्षा के लिहाज से आकाशपाळना में बैठते समय लंबे बालों को अच्छी तरह बांधकर रखना चाहिए। ढीले कपड़े, स्कार्फ, ओढ़नी और आभूषणों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। छोटे बच्चों पर अभिभावकों को लगातार नजर रखनी चाहिए तथा किसी भी मनोरंजन उपकरण का उपयोग करते समय सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना चाहिए।
यात्रा के आनंद के बीच हुई इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मनोरंजन उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।

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