Why Ladki Bahin Yojana installment is late after KYC : महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'माझी लाडकी बहीण योजना' इस समय तकनीकी बाधाओं और राजनीतिक खींचतान के बीच फंसती नजर आ रही है। राज्य की हजारों महिलाओं ने सरकार की हिदायत के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक अपना ई-केवाईसी (e-KYC) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया था, इसके बावजूद उनके बैंक खातों में नवंबर और दिसंबर महीने की लंबित किस्तें जमा नहीं हुई हैं। मुंबई से लेकर पुणे और छत्रपति संभाजीनगर तक, लाभार्थी महिलाएं बैंक और सरकारी पोर्टल्स के चक्कर काट रही हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा उनके हाथ कुछ नहीं लग रहा है।

जमीनी हकीकत: उम्मीद और इंतजार के बीच उलझीं महिलाएं

योजना के क्रियान्वयन में आ रही खामियों ने गृहिणियों के बजट को बिगाड़ दिया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से महिलाओं की शिकायतें प्रशासनिक दावों पर सवालिया निशान खड़ा कर रही हैं:

  • मुंबई: कुछ लाभार्थियों का कहना है कि केवाईसी पूरा होने के बावजूद पोर्टल पर लॉगिन करने में समस्या आ रही है और ओटीपी (OTP) न आने के कारण वे अपनी स्थिति की जांच भी नहीं कर पा रही हैं।
  • पुणे: एक लाभार्थिने सवाल उठाया है कि जब अन्य महिलाओं के खातों में पैसे आ रहे हैं, तो समान पात्रता होने के बाद भी उनके साथ यह भेदभाव क्यों हो रहा है?
  • छत्रपति संभाजीनगर: परिवार के पास कोई चार पहिया वाहन न होने और सभी पात्रता शर्तें पूरी करने के बावजूद उन्हें पिछले दो महीनों से एक भी रुपया नहीं मिला है।

सरकारी रुख और चुनावी आचार संहिता का पेच :

विवाद बढ़ता देख महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार का तर्क है कि तकनीकी रूप से पात्र महिलाओं को नवंबर और दिसंबर की किश्तें हस्तांतरित कर दी गई हैं। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि स्थिति चुनावी प्रक्रिया के कारण जटिल हुई है।

  • चुनाव आयोग का हस्तक्षेप: सरकार नवंबर और दिसंबर की राशि एक साथ (बोनस के रूप में) वितरित करना चाहती थी, लेकिन महापालिका चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने 'अग्रिम राशि' जमा करने पर रोक लगा दी।
  • विपक्ष की घेराबंदी: कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि चुनावी लाभ के लिए फंड का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप, केवल नियमित किस्तों के वितरण की अनुमति दी गई।
  • जनवरी की किस्त पर संशय: वर्तमान में केवल दिसंबर तक का ही निधि वितरित किया गया है। जनवरी 2026 की किस्त कब आएगी, इस पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक समय-सीमा साझा नहीं की गई है।
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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