महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी लाडकी बहीण योजना ने लाखों महिलाओं को आर्थिक सहारा देने का वादा किया था। योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। लेकिन इन दिनों यह योजना महिलाओं के लिए राहत से ज्यादा परेशानी का कारण बनती दिख रही है। वजह है इस योजना की नई अनिवार्य शर्त – ई-केवाईसी (eKYC) प्रक्रिया।


( लाडकी बहीण योजना eKYC ) इस लिंक पर क्लिक कर आप ई-केवायसी कर सकते है। सरकार ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि जो महिलाएं ई-केवाईसी पूरी नहीं करेंगी, उन्हें 1500 रुपये की किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। इसके बाद से राज्यभर की महिलाएं अपनी ई-केवाईसी कराने के लिए मोबाइल फोन, महा-ई-सेवा केंद्रों और इंटरनेट कैफे का रुख कर रही हैं। लेकिन वहां उन्हें हर बार एक ही समस्या का सामना करना पड़ रहा है – वेबसाइट पर लगातार 'High Traffic' या 'Captcha Error' का संदेश।

बीते कई दिनों से महिलाएं इस प्रक्रिया को पूरा करने की कोशिश कर रही हैं। कई महिलाएं रातभर जागकर मोबाइल से ई-केवाईसी करने का प्रयास करती हैं, तो कुछ ने महा-ई-सेवा केंद्रों पर लंबी कतारें लगाई। लेकिन परिणाम हर बार निराशाजनक रहा। वेबसाइट या तो खुलती ही नहीं, और अगर खुलती भी है तो 'हाई ट्रैफिक' का संदेश दिखाकर प्रक्रिया अधूरी छोड़ देती है।

परेशान महिलाओं का कहना है कि यह स्थिति अब असहनीय हो गई है। "हम रोजाना कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वेबसाइट काम ही नहीं कर रही। न तो घर से ई-केवाईसी हो पा रहा है और न ही सेवा केंद्र पर," एक लाभार्थी महिला ने बताया। इसी तरह कई अन्य महिलाओं ने भी गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि योजना का लाभ पाने के लिए उन्हें रोजाना घंटों बर्बाद करने पड़ रहे हैं।

गौरतलब है कि लाडकी बहीण योजना ई-केवाईसी से जुड़ी इस समस्या को लेकर पिछले चार दिनों से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर 24 घंटे वेबसाइट पर इतना भारी ट्रैफिक कैसे बना रह सकता है? क्या सचमुच लाखों महिलाएं एक साथ प्रक्रिया करने की कोशिश कर रही हैं, या फिर यह तकनीकी खामी है? या सरकार ही ऐसा पैंतरा आज़मा कर महिलाओं को इस योजना से बाहर निकालना चाह रही है?

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Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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