कोरपणा में सफाई कामगारों की मांगों को लेकर धरना, वेतन और पीएफ को लेकर उठे सवाल
कोरपणा नगरपंचायत में सफाई कामगारों की मांगों को लेकर धरना आंदोलन शुरू हुआ। आंदोलनकारियों ने वेतन में कथित अनियमितता, पीएफ का लाभ नहीं मिलने और कचरा प्रबंधन में कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग उठाई।

तस्वीर में कोरपणा नगरपंचायत के सामने विभिन्न मांगों को लेकर धरना आंदोलन पर बैठे कार्यकर्ता और सफाई कामगार नजर आ रहे हैं.
कोरपणा नगरपंचायत में कचरा प्रबंधन, सफाई कामगारों के शोषण और वेतन में कथित अनियमितता सहित विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार, 2 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे स्वर्गीय राजीव गांधी चौक, कोरपणा में धरना आंदोलन शुरू किया गया। आंदोलनकारियों ने नगरपंचायत प्रशासन के कामकाज पर सवाल उठाते हुए सफाई कामगारों को उनके अधिकार दिलाने और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।
आंदोलनकारियों ने कचरा प्रबंधन में कथित भ्रष्टाचार की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और मामले दर्ज करने की मांग की। सफाई कामगारों के वेतन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए। आंदोलनकारियों के अनुसार, शासन के नियमों के तहत सफाई कामगारों को करीब 20 से 24 हजार रुपये वेतन मिलना चाहिए, जबकि कुछ कामगारों को केवल 10 हजार रुपये वेतन दिए जाने का आरोप है। इसके अलावा कामगारों को पीएफ का लाभ भी नहीं मिलने की बात आंदोलनकारियों ने कही।
ग्रामपंचायत का नगरपंचायत में रूपांतरण हुए कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन सफाई कामगारों की समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हुआ है। इस दौरान नालियों की सफाई, शहर को स्वच्छ रखने और कचरा प्रबंधन का भार उठाने वाले कामगारों के अधिकारों के साथ अन्याय होने पर उसे सहन नहीं करने की चेतावनी दी गई।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सफाई कामगारों को न्याय नहीं मिलता और संबंधित मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
इस दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस के आबिद अली, किशोर बावणे, सुनील दरकेकर, अमोल आसेंकर, जोशना वैरागडे, वर्षा लांडगे, सविता तुमराम, नगरसेविका इंदिरा कोल्लेपेटन, बुरेवार मोहब्बत खान, संभा भुसारी, विजय पानघाटे, उमेश पालीवार, विनोद कुमरे, सुमित वैरागडे, अभय डोहे, हरबा झाडे, विजय जिवने, मोविन बेग, गौरव मेघ्रामयांसह सफाई कामगार और कार्यकर्ता आंदोलन स्थल पर मौजूद रहे। आंदोलन के जरिए सफाई कामगारों के वेतन, पीएफ लाभ और कचरा प्रबंधन से जुड़े कथित गैरव्यवहार की जांच का मुद्दा नगरपंचायत प्रशासन के समक्ष उठाया गया।

Manoj Gore (Chandrapur)
नाम: मनोज रामकृष्ण गोरे
वर्तमान पद: रिपोर्टर (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: चंद्रपुर जिला (महाराष्ट्र)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासन
परिचय
मनोज रामकृष्ण गोरे महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र के रिपोर्टर हैं। वह मुख्य रूप से चंद्रपुर जिले के प्रशासनिक विभागों की कार्यप्रणाली, सरकारी योजनाओं, जनसुनवाई, विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
मनोज रामकृष्ण गोरे को मीडिया क्षेत्र में ग्राउंड रिपोर्टिंग और समाचार संकलन का 5 वर्ष का अनुभव है। वह पिछले पांच सालों से चंद्रपुर जिले के स्थानीय और प्रशासनिक मुद्दों को नियमित रूप से रिपोर्ट कर रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
