कोरपना और गडचांदूर ग्रामीण अस्पताल में दंत चिकित्सक के पद रिक्त
कोरपना और गडचांदूर के ग्रामीण अस्पतालों में दंत चिकित्सा अधिकारी की कमी से मरीज परेशान, भाजपा शहराध्यक्ष ने विधायक को ज्ञापन सौंपकर की नियुक्ति की मांग।

तस्वीर में भाजपा शहराध्यक्ष अमोल आसेकर दिखाई दे रहे हैं।
कोरपना तहसील के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था के चलते आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोरपना और गडचांदूर के ग्रामीण अस्पतालों में लंबे समय से दंत चिकित्सा अधिकारी के पद रिक्त पड़े हैं, जिसके कारण दांतों के इलाज के लिए जरूरतमंद मरीजों को निजी क्लीनिकों का रुख करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों के महंगे उपचार के कारण गरीब तबके के लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु भाजपा शहराध्यक्ष अमोल आसेकर ने राजुरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक देवराव दादा भोंगळे को औपचारिक ज्ञापन सौंपकर इन रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती करने की पुरजोर मांग की है।
निवेदन में स्पष्ट किया गया है कि कोरपना एक दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्र है, जहाँ सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं तो उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन चिकित्सकों के अभाव में वे केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। विशेष रूप से दंत विभाग की स्थिति अत्यंत दयनीय है। अस्पतालों में मरीजों के इलाज हेतु आधुनिक दंत चिकित्सा उपकरण और मशीनें तो उपलब्ध हैं, किंतु विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण ये मशीनें बरसों से धूल फांक रही हैं। सरकारी धन से खरीदे गए इन उपकरणों का कोई लाभ न मिलने से क्षेत्र के किसान, मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीज मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना झेलने को विवश हैं।
इस संवेदनशील मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए विधायक देवराव दादा भोंगळे ने आश्वस्त किया है कि वे शासन और संबंधित स्वास्थ्य विभाग के समक्ष इस मामले को प्रमुखता से उठाएंगे। दंत चिकित्सा अधिकारी के पदों को शीघ्र भरने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे ताकि ग्रामीणों को उनके घर के समीप ही गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क उपचार मिल सके। फिलहाल, इस कदम ने क्षेत्र के नागरिकों में उम्मीद जगाई है कि जल्द ही ग्रामीण अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ होगी और उन्हें महंगी निजी चिकित्सा से मुक्ति मिलेगी।

Manoj Gore (Chandrapur)
नाम: मनोज रामकृष्ण गोरे
वर्तमान पद: रिपोर्टर (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: चंद्रपुर जिला (महाराष्ट्र)
बीट (मुख्य विषय): प्रशासन
परिचय
मनोज रामकृष्ण गोरे महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र के रिपोर्टर हैं। वह मुख्य रूप से चंद्रपुर जिले के प्रशासनिक विभागों की कार्यप्रणाली, सरकारी योजनाओं, जनसुनवाई, विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
मनोज रामकृष्ण गोरे को मीडिया क्षेत्र में ग्राउंड रिपोर्टिंग और समाचार संकलन का 5 वर्ष का अनुभव है। वह पिछले पांच सालों से चंद्रपुर जिले के स्थानीय और प्रशासनिक मुद्दों को नियमित रूप से रिपोर्ट कर रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
