कोल्हापुर: टीईटी पेपर लीक के खिलाफ युवा सेना का विरोध प्रदर्शन
कोल्हापुर में युवा सेना ने शिक्षा मंत्री दादा भुसे के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। परीक्षा में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और इस्तीफे की मांग की गई है।

कोल्हापुर के मिरजकर तिकटी पर टीईटी पेपर लीक मामले के विरोध में युवा सेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए।
कोल्हापुर: ठाणे में टीईटी परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले ने राज्यभर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज कर दी है। इसी मुद्दे को लेकर कोल्हापुर जिला एवं शहर युवा सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने शनिवार को मिरजकर तिकटी पर राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री की कथित निष्क्रियता के विरोध में उनकी प्रतीकात्मक प्रतिकृति पर लकड़ी का भूसा फेंककर अपना आक्रोश जताया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान युवा सेना पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि ठाणे में टीईटी परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से एक दिन पहले ही अभ्यर्थियों तक पहुंच गया, जिसके चलते परीक्षा रद्द करनी पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले कोल्हापुर जिले के कागल तालुका स्थित मुरगुड में भी टीईटी पेपर लीक का मामला सामने आया था। उस मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान टीईटी के साथ-साथ सीईटी परीक्षा का प्रश्नपत्र भी लीक कर बेचने की बात स्वीकार की थी। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच नहीं की गई।
युवा सेना ने कहा कि बार-बार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं से हजारों विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य संकट में पड़ गया है। उनका आरोप था कि राज्य सरकार का अधिक ध्यान राजनीतिक गतिविधियों पर केंद्रित है, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में वह विफल रही है।
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने "दादा भुसे चले जाओ" के नारे लगाए और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। साथ ही टीईटी पेपर लीक प्रकरण में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा पूरे रैकेट की निष्पक्ष और व्यापक जांच कराने की भी मांग की गई।
इस विरोध प्रदर्शन में युवा सेना के जिलाध्यक्ष एवं शिवसेना शहर प्रमुख मंजित माने, जिला सचिव चैतन्य देशपांडे, सुमित मेळवंकी, सदाशिव पवार, अक्षय घाटगे, शुभम पाटील, अभि दाबाडे, विनय क्षीरसागर, योगेश लोहार, सचिन नांगटिळक, सानिका दामूगडे, तृप्ती विभुते, कनिष्क शिंदे, अक्षय मोरे, आदित्य हुलजी, रामेश वरुटे, ऋषिकेश जोशी, जयवंत वडगावकर, सिद्धी दामूगडे, मयुरेश भिर्डीकर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर बढ़ता विरोध अब राजनीतिक स्तर पर भी तेज होता दिखाई दे रहा है। ऐसे में इस प्रकरण की जांच और सरकार की आगे की कार्रवाई पर छात्रों, अभिभावकों और राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
