कोल्हापुर : भारत की दुनिया के प्रगतिशील राष्ट्रों के साथ प्रतिस्पर्धा जारी है और वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को विकसित देश बनाने में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह प्रतिपादन मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. जॅसमिन ने किया।

सहकारमहर्षि राजे विक्रमसिंहजी घाटगे की 78वीं जयंती के अवसर पर आयोजित चित्रकला एवं वक्तृत्व स्पर्धा के विजेताओं का पुरस्कार वितरण समारोह श्रीमंत जयसिंगराव घाटगे विद्यामंदिर हाईस्कूल एवं जूनियर कॉलेज में आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉ. जॅसमिन बोल रही थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजे बैंक की अध्यक्षा नवोदितादेवी घाटगे ने की।

डॉ. जॅसमिन ने कहा कि विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने चाहिए और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। स्कूली पढ़ाई के साथ अतिरिक्त पठन, स्वच्छता, पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम और पढ़ाई में निरंतरता को जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छात्राएं स्वयं को कमतर न आंकें और प्रत्येक क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। शिक्षकों और अभिभावकों को बेटे-बेटी में भेद किए बिना दोनों को समान अवसर देने चाहिए।

उन्होंने कहा कि सूचना-प्रौद्योगिकी के युग में मोबाइल और कंप्यूटर का उपयोग पढ़ाई तथा ज्ञानवृद्धि के लिए किया जाना चाहिए। मनोरंजन के लिए इन पर अधिक समय नहीं बिताना चाहिए। मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसलिए विद्यार्थियों को यह विचार करना चाहिए कि ‘आप फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं या फोन आपका इस्तेमाल कर रहा है?’

अध्यक्षीय संबोधन में नवोदितादेवी घाटगे ने कहा कि स्व. राजेसाहेब की संकल्पना से स्थापित शिक्षा संकुल में विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को अवसर देने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। विकसित भारत के निर्माण के लिए अभिभावकों और शिक्षकों को विद्यार्थियों में स्कूली जीवन से ही जिम्मेदारी के संस्कार विकसित करने चाहिए।

इस अवसर पर हर्षदा खापणे ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में ‘शाहू’ के उपाध्यक्ष अमरसिंह घोरपडे, संचालक संजय नरके, कार्यकारी संचालक जितेंद्र चव्हाण, गटविकास अधिकारी कुलदीप बोंगे, गटशिक्षणाधिकारी सारिका कासोटे, अविनाश कांबले, नगरसेवक उमेश सावंत, विजय बोंगाळे, युवराज पसारे, टी. जी. आवटे, प्रशासन अधिकारी एम. वी. वेसवीकर, मुख्याध्यापक शिवाजी खोत, मुख्याध्यापिका जे. वी. चव्हाण सहित अन्य उपस्थित थे।

स्वागत एस. बी. सासमिले ने किया, जबकि आभार निलेश सुतार ने व्यक्त किया।

समारोह में राजे विक्रमसिंहजी घाटगे की जयंती के अवसर पर आयोजित चित्रकला एवं वक्तृत्व स्पर्धा के विजेताओं का डॉ. जॅसमिन, नवोदितादेवी घाटगे और अन्य मान्यवरों ने गौरव किया।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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