अलाबाद-कापशी मार्ग पर संदिग्ध तांत्रिक सामग्री मिलने से मची सनसनी, अंधविश्वास की आशंका के बीच जांच की मांग
कोल्हापुर के अलाबाद-कापशी मार्ग पर संदिग्ध तांत्रिक सामग्री मिलने से हड़कंप मच गया है। सुबह के समय कुछ लोगों की संदिग्ध गतिविधियों के बाद ग्रामीणों में भय और अंधविश्वास की आशंका गहरा गई, जांच की मांग तेज।

कोल्हापुर के अलाबाद और सेनापति कापशी के बीच एक मैदान में 22 जून 2026 को मिलीं कथित अघोरी पूजा और तांत्रिक क्रिया से जुड़ी विभिन्न सामग्रियां, जिनकी जांच की मांग स्थानीय ग्रामीण कर रहे हैं।
कोल्हापुर के अलाबाद और सेनापति कापशी के बीच स्थित एक गैराज के पास खुले मैदान में संदिग्ध तांत्रिक सामग्री मिलने से इलाके में भारी सनसनी फैल गई है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बन गया है, जबकि पूरे मामले को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, सुबह के समय कुछ ग्रामीणों ने मैदान के आसपास कुछ व्यक्तियों को संदिग्ध गतिविधियां करते हुए देखा। जब ग्रामीण वहां पहुंचे, तो बताया जा रहा है कि संबंधित लोग मौके से भाग निकले। इसके बाद जब ग्रामीणों ने स्थल की जांच की, तो वहां से कई प्रकार की वस्तुएं बरामद हुईं, जिनमें बाशिंग, ब्लाउज पीस, नारियल, भोपला, काले कपड़े में लपेटा हुआ नारियल, चूड़ियां, सूप तथा रुई के पत्ते शामिल बताए जा रहे हैं।
इन वस्तुओं के मिलने के बाद ग्रामीणों में यह आशंका और गहरा गई कि यह किसी अघोरी क्रिया, करणी या भानामती जैसे अंधविश्वास से जुड़ा मामला हो सकता है। घटना से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, राहगीर और स्थानीय लोग एकत्र हो गए, जिससे क्षेत्र में हलचल और बढ़ गई।
हालांकि कुछ ग्रामीणों ने इस मामले को अंधविश्वास या तांत्रिक गतिविधियों से जोड़कर देखा, वहीं अन्य लोग इसे संदिग्ध गतिविधि मानते हुए पूरी जांच की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं से क्षेत्र में अनावश्यक भय और भ्रम का वातावरण उत्पन्न हो रहा है।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि घटनास्थल की गहन जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
