एस. पी. स्पोर्ट्स मंडल का उत्साह पल भर में गम में बदला; बैल का विधि-विधान से अंतिम संस्कार, समाधि स्थल पर अर्पित किया नैवेद्य

कोल्हापूर: विजय मोरबाळे

बेंदूर सण (त्योहार) के उपलक्ष्य में जब पूरा कुरणी गांव उत्सव के उत्साह में डूबा था, ठीक उसी समय ऐन त्यौहार के दिन सुबह एस. पी. स्पोर्ट्स मंडल के एक सुंदर बैल की अचानक हुई मृत्यु ने पूरे गांव को गहरे शोक में डाल दिया। मिरवणूक (शोभायात्रा) की संपूर्ण तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन इस हृदयविदारक घटना ने गांव के आनंद को अचानक गहरे दुख में परिवर्तित कर दिया।

कुरणी स्थित एस. पी. स्पोर्ट्स मंडल ने प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बेंदूर त्यौहार की भव्य शोभायात्रा निकालने के लिए लगभग 80 हजार रुपये खर्च कर एक आकर्षक बैल खरीदा था। पिछले पंद्रह दिनों से मंडल के युवाओं ने इस बैल की अत्यंत प्रेम और निष्ठा से देखभाल की थी। उसके खान-पान से लेकर स्वास्थ्य तक, हर एक पहलू की विशेष सावधानी बरती जा रही थी। शोभायात्रा के लिए मंडल द्वारा लगभग 30 हजार रुपये खर्च कर बेंजो पथक (बैंड दल) सुनिश्चित किया गया था। इसके अतिरिक्त, मंडल के सदस्यों ने उत्सव के लिए 150 विशेष टी-शर्ट भी छपवा लिए थे। नैवेद्य, सजावट और शोभायात्रा का विस्तृत नियोजन सहित सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी थीं।

हालांकि, बेंदूर के दिन भोर में जब बैल को स्नान के लिए ले जाया जा रहा था, तब वह मृत पाया गया। पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जांच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया गया। जैसे ही यह दुखद समाचार मंडल के युवाओं तक पहुंचा, वे फूट-फूट कर रो पड़े। शोक की इस घड़ी में युवाओं की आंखों में आंसू छलक आए और गांव की महिलाओं का भी दुख सहनशक्ति से बाहर हो गया।

इसके पश्चात, पूरे विधि-विधान के साथ बैल का अंतिम संस्कार कर उसे दफनाया गया। त्यौहार के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया नैवेद्य भी उसके समाधि स्थल पर अर्पित किया गया। इस मार्मिक दृश्य को देखकर वहां उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति की आंखें नम थीं। लगभग साढ़े तीन हजार की आबादी वाले कुरणी गांव में बेंदूर त्यौहार के अवसर पर बैलों की शोभायात्रा निकालने की कई वर्षों पुरानी परंपरा रही है। इस शोभायात्रा में एस. पी. स्पोर्ट्स मंडल सदैव अग्रणी रहा है और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के साथ उत्सव मनाया जाता है। किंतु, इस वर्ष बैल की असामयिक मृत्यु ने नियोजित उत्सव पर विरजण डाल दिया। संपूर्ण गांव ने इस वर्ष बेंदूर का त्यौहार अत्यंत सादगी और शांति से मनाया, और इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में शोक एवं संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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