कोल्हापुर। आर्थिक संकट के कारण उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जूझ रहे किसान परिवारों के विद्यार्थियों को राहत देने के लिए कोल्हापुर की सिद्धाई एजुकेशन सोसायटी ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। संस्थान के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर ‘बलिराजा कृतज्ञता योजना’ के तहत किसान परिवारों के विद्यार्थियों को 2,499 रुपये मूल्य का MHT-CET वर्ल्ड-क्लास AI और लाइव CBT पोर्टल अब 100 प्रतिशत मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा।

संस्थान के संस्थापक-अध्यक्ष एवं विशेष कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रफुल्ल प्रकाश पाटील ने इस पहल की घोषणा की। सिद्धाई एजुकेशन सोसायटी और प्रफुल्लित केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में इस सामाजिक उपक्रम का संचालन किया जा रहा है।

प्रफुल्लित केंद्र की अध्यक्ष एवं जिला युवती पुरस्कार से सम्मानित डॉ. आल्फिया बागवान ने योजना के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा, ‘सूखा प्रकृति का हो सकता है, लेकिन बलिराजा के बच्चों की शिक्षा का झरना हम कभी सूखने नहीं देंगे।’

इस योजना का मुख्य उद्देश्य कक्षा 11वीं और 12वीं विज्ञान संकाय (PCM/PCB) में पढ़ने वाले किसान परिवारों के विद्यार्थियों को MHT-CET परीक्षा की प्रभावी तैयारी के लिए आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, फार्मेसी और कृषि शिक्षा में प्रवेश के अवसर मिलते हैं। योजना के तहत COEP, VJTI, PICT, वालचंद और KIT जैसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ सरकारी फार्मेसी एवं कृषि महाविद्यालयों में प्रवेश की तैयारी के लिए अभ्यास की सुविधा मिलेगी।

AI पोर्टल पर विद्यार्थियों को महाराष्ट्र राज्य CET सेल की परीक्षा प्रणाली के अनुरूप अध्यायवार और संपूर्ण पाठ्यक्रम आधारित मॉक टेस्ट देने की सुविधा उपलब्ध होगी। कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के अभ्यास के लिए लाइव टाइमर, ऑनलाइन हॉल टिकट और तत्काल परिणाम के साथ स्कोरकार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा।

भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित और जीव विज्ञान के कठिन प्रश्नों को कम समय में हल करने के लिए ‘3-सेकंड शॉर्ट-कीज लैब’ की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा परीक्षा से पहले त्वरित पुनरावृत्ति के लिए ‘ब्रह्मास्त्र शॉर्ट-कीज’ PDF पुस्तिका भी उपलब्ध कराई जाएगी। AI कॉलेज प्रेडिक्टर और अभिभावकों के लिए लाइव प्रोग्रेस ट्रैकर जैसी सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों की तैयारी की प्रगति पर नजर रखी जा सकेगी।

योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को अपने पिता का सातबारा उतारा (भूमि अभिलेख) या आधार कार्ड और स्वयं का कॉलेज पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। मुफ्त पास के लिए पूर्व पंजीकरण शुरू हो चुका है। इच्छुक विद्यार्थी https://siddhaiinfo.blogspot.com/2026/10/siddhai-deep-cet.html वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं।

इस संबंध में व्हॉट्सऐप पर 90282 85453 नंबर के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है।

पोर्टल का भव्य लोकार्पण समारोह रविवार, 8 नवंबर 2026 को शाम 6 बजे आयोजित किया जाएगा। डॉ. प्रफुल्ल पाटील ने किसान परिवारों के अधिक से अधिक विद्यार्थियों से इस शैक्षणिक सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है। इस पहल के तहत 2,499 रुपये मूल्य की आधुनिक परीक्षा तैयारी सुविधा विद्यार्थियों को पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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