कोल्हापुर। शासकीय कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सूचना का अधिकार कानून नागरिकों के हाथ में प्रभावी साधन है। इस कानून की केवल जानकारी होना पर्याप्त नहीं, बल्कि लोकाभिमुख प्रशासन के लिए इसका प्रभावी उपयोग जरूरी है। यह प्रतिपादन सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. शिवाजी होडगे ने किया।

सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय के राज्यशास्त्र विभाग की ओर से ‘सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005’ विषय पर आयोजित भित्तिपत्रक के उद्घाटन अवसर पर प्राचार्य प्रो. डॉ. शिवाजी होडगे बोल रहे थे। उनके हाथों सूचना के अधिकार की विभिन्न कानूनी जानकारियों से संबंधित भित्तिपत्रक का उद्घाटन किया गया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने स्वयं तैयार किए गए भित्तिपत्रक में शामिल जानकारी का प्रस्तुतीकरण किया और सूचना के अधिकार कानून के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण किया। कार्यक्रम का स्वागत एवं प्रस्तावना राज्यशास्त्र विभाग के प्रो. डी. वी. गोरे ने की। उन्होंने सूचना के अधिकार के माध्यम से नागरिकों को जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया, आवेदन किस प्रकार किया जाए तथा प्रथम और द्वितीय अपील के प्रावधानों के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम की सफलता के लिए राज्यशास्त्र विभाग के प्रो. सुशांत पाटील, प्रो. राकेश माने तथा बी.ए. भाग-1 की कु. श्रुति जैनापुरे, गौरी परीट, सुशांत कांबले और पारस पवार विद्यार्थियों ने विशेष प्रयास किए। कार्यक्रम के अंत में प्रो. डी. डी. खतकर ने उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर नैक समन्वयक प्रो. डॉ. एम. एस. पाटील, प्रो. डी. ए. सरदेसाई, लेफ्ट. प्रो. व्ही. ए. प्रधान, प्रो. डी. पी. सालुंखे, प्रो. डॉ. सुखदेव एकल, प्रो. संदीप मोहिते, प्रो. स्वप्नील मेंडके, प्रो. संजय हेरवाडे, प्रो. अर्चना कांबले, प्रो. स्वाती हुकेरीकर सहित प्रशासनिक सेवक और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

सूचना के अधिकार कानून के माध्यम से नागरिकों में जागरूकता पैदा करने के साथ पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन के महत्व को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह पहल की गई। राज्यशास्त्र विभाग की ओर से आयोजित इस उपक्रम को उत्स्फूर्त प्रतिक्रिया मिली।

फोटो : सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 विषय पर भित्तिपत्रक का उद्घाटन करते हुए प्राचार्य प्रो. डॉ. शिवाजी होडगे। इस अवसर पर प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित थे।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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