सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय में 'दिशा संशोधनाची' व्याख्यान, शोध में ईमानदारी और वैज्ञानिक दृष्टि पर दिया जोर
कोल्हापुर के मुरगूड स्थित सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय में 'दिशा संशोधनाची' व्याख्यान में शोध की गुणवत्ता, वैज्ञानिक दृष्टि और शैक्षणिक ईमानदारी पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया गया।

कोल्हापुर के मुरगूड स्थित सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय में सॉक्रेटिस क्लब की ओर से प्राध्यापकों के लिए 'दिशा संशोधनाची' विषय पर मार्गदर्शनपरक व्याख्यान आयोजित किया गया। व्याख्यान में शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आवश्यक वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अध्ययन की गहराई और अनुसंधान में नैतिक मूल्यों के महत्व पर विस्तृत मार्गदर्शन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सॉक्रेटिस क्लब की समन्वयक प्रा. मनीषा पाटील ने उपस्थित प्राध्यापकों का स्वागत करते हुए की। उन्होंने क्लब की गतिविधियों की जानकारी देते हुए प्रस्तावना प्रस्तुत की। इसके बाद मुख्य वक्ता प्रा. डॉ. प्रदीप कांबळे ने 'दिशा संशोधनाची' विषय पर विस्तार से मार्गदर्शन किया। उन्होंने शोध की सही दिशा, विषय चयन के मानदंड, अनुसंधान पद्धति, संदर्भ ग्रंथों के अध्ययन, नवाचारपूर्ण सोच और शोध में ईमानदारी के महत्व को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि शोध केवल डिग्री या पदोन्नति प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाजोपयोगी ज्ञान सृजन का प्रभावी साधन है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि शोध कार्य में अनुशासन, निरंतरता और चिकित्सकीय दृष्टिकोण आवश्यक हैं। उन्होंने शोध के दौरान संदर्भों के उचित उपयोग, तथ्यों के सत्यापन और शैक्षणिक ईमानदारी बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि प्राध्यापक नियमित रूप से पाठ्यक्रम से इतर अध्ययन और व्यापक पठन करेंगे तो अध्यापन के साथ-साथ शोध की गुणवत्ता भी अधिक समृद्ध होगी।
व्याख्यान के बाद उपस्थित प्राध्यापकों ने शोध के क्षेत्र में नई दिशा मिलने की भावना व्यक्त की। प्रश्नोत्तर सत्र में अनुसंधान से जुड़े विभिन्न विषयों पर उठे सवालों का समाधान किया गया। संवादात्मक शैली में आयोजित यह सत्र कार्यक्रम को अधिक प्रभावी और ज्ञानवर्धक बना गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी विभागों के प्राध्यापक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में हिंदी विभाग के प्रा. डॉ. अशोक पाटील ने आभार व्यक्त किया। उत्साहपूर्ण सहभागिता और प्रश्नोत्तर सत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। सॉक्रेटिस क्लब के माध्यम से ऐसे शैक्षणिक और बौद्धिक कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किया जा रहा है, जिससे महाविद्यालय में अनुसंधान संस्कृति को और अधिक मजबूती मिलने की बात उपस्थित प्राध्यापकों ने कही।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
