कोल्हापुर: राजे संभाजी विद्यालय में कक्षा की कमी, जिजाऊ ब्रिगेड ने की मांग
कोल्हापुर के तपोवननगर स्थित विद्यालय में जगह के अभाव में छात्र बरामदे में पढ़ने को मजबूर, जिजाऊ ब्रिगेड ने मनपा उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन।

कोल्हापुर महानगरपालिका के उपायुक्त किरणकुमार धनवडे को ज्ञापन सौंपती जिजाऊ ब्रिगेड की प्रतिनिधि।
कोल्हापुर के तपोवननगर स्थित महानगरपालिका संचालित राजे संभाजी विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था की एक बदहाल तस्वीर सामने आई है। यहाँ वर्गखोलियों के घोर अभाव के चलते नन्हे-मुन्नों को कक्षाओं के बजाय स्कूल के बरामदे में बैठकर पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। विद्या के इस मंदिर में छात्रों की हो रही दुर्दशा को देखते हुए जिजाऊ ब्रिगेड ने कड़ा रुख अपनाया है और महानगरपालिका के उपायुक्त के समक्ष पहुंचकर तत्काल सुधार की मांग की है।
विद्यालय में छात्रों की संख्या के अनुपात में वर्गखोलियाँ न होने से स्थिति विकट बनी हुई है। एक ही कक्षा में क्षमता से अधिक छात्रों को बिठाया जा रहा है, और जगह की कमी के कारण बाकी छात्रों को बरामदे में अपनी पढ़ाई पूरी करनी पड़ रही है। इस अव्यवस्था का सीधा असर शिक्षण प्रक्रिया पर पड़ रहा है। शिक्षकों को कक्षा के दरवाजे पर खड़े होकर एक साथ अंदर बैठे और बाहर बरामदे में बैठे छात्रों को पढ़ाना पड़ रहा है, जिससे अध्यापन की गुणवत्ता निरंतर गिर रही है।
इस गंभीर स्थिति के समाधान हेतु जिजाऊ ब्रिगेड की जिलाध्यक्ष रंजना पाटिल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने महानगरपालिका उपायुक्त किरणकुमार धनवडे को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने मांग की है कि छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए तत्काल प्रभाव से दो अतिरिक्त वर्गखोलियाँ उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही, जब तक नए निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो जाते, तब तक विद्यालय के पास ही स्थित महानगरपालिका के सभागृह को शिक्षण कार्य हेतु अस्थायी रूप से उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।
ज्ञापन में बढ़ती विद्यार्थी संख्या के मद्देनजर विद्यालय भवन के विस्तार को प्राथमिकता देने और भविष्य में छात्रों को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए ठोस स्थायी उपाय करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, पर्याप्त शिक्षक और आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएँ मुहैया कराकर एक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया है।
उपायुक्त किरणकुमार धनवडे ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि इस मामले में गंभीरता से विचार किया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिजाऊ ब्रिगेड ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ जारी रहा और प्रशासन की ओर से त्वरित निर्णय नहीं लिया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से तीव्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस अवसर पर कल्पना देसाई, प्राजक्ता आंबले, अनुपमा चव्हाण और कविता कोंडेकर सहित जिजाऊ ब्रिगेड के कई पदाधिकारी उपस्थित थे। यह घटना शहर के शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही है, जहाँ अब प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ही बच्चों के भविष्य को संवार सकती है।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
