कापशी-सिद्धनेर्ली PHC की नई इमारतों को मंजूरी, बंद रक्त जांच शुरू करने की मांग
कागल के कापशी और सिद्धनेर्ली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की जर्जर इमारतों को बदलने और नई इमारतों को मंजूरी देने की मांग उठी है। बंद HbA1c समेत रक्त जांच शुरू करने तथा कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।

तस्वीर में जिला परिषद कार्यालय में कागल तालुका के स्वास्थ्य केंद्रों की समस्याओं को लेकर एक अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए प्रतिनिधिमंडल के सदस्य दिख रहे हैं।
कोल्हापुर : विजय मोरबाळे
कागल तालुका कांग्रेस और सरपंच परिषद महाराष्ट्र ने कागल तालुका स्थित कापशी सेनापती और सिद्धनेर्ली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) की जर्जर इमारतों को तत्काल निर्लेखित कर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नई इमारतों के निर्माण को मंजूरी देने की मांग की है। साथ ही तालुका के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में गरीब मरीजों के लिए जरूरी रक्त जांच सुविधाएं पूर्ववत शुरू करने की मांग की गई है।
इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर, चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ और जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एस. जस्मिन को संयुक्त ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में दोनों स्वास्थ्य केंद्रों की नई इमारतों के निर्माण के लिए बजट प्रावधान कर तत्काल प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी देने की मांग की गई है। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर तीव्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी भी दी गई है।
कापशी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिकोत्रा घाटी के करीब 25 गांवों की स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख आधार है। केंद्र की इमारत कई वर्षों से जर्जर है और आवासीय डॉक्टरों के क्वार्टर भी खतरनाक स्थिति में हैं। ज्ञापन में दावा किया गया है कि रात के समय प्रसव और आपातकालीन उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने में कठिनाइयां आती हैं। आवश्यक चिकित्सा कर्मचारियों और दवाओं की अपर्याप्त आपूर्ति की समस्या की ओर भी ध्यान दिलाया गया है।
सिद्धनेर्ली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की इमारत भी कई वर्षों से जर्जर अवस्था में है। दोनों स्वास्थ्य केंद्रों की इमारतों का तत्काल निरीक्षण कर नई इमारतों के निर्माण के लिए प्रशासनिक और बजटीय मंजूरी देने की मांग की गई है।
इसके साथ ही कोल्हापुर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मधुमेह के मरीजों के लिए जरूरी HbA1c जांच, जो औसत रक्त शर्करा स्तर दर्शाती है, और अचानक बंद की गई अन्य रक्त जांच सुविधाओं को पूर्ववत शुरू करने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब मरीजों पर महंगी निजी जांच का आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में ये सुविधाएं उपलब्ध होना आवश्यक है।
इन मांगों को लेकर नवंबर 2025 और मई 2026 में सरपंच परिषद तथा स्थानीय पदाधिकारियों की ओर से ज्ञापन देकर लगातार प्रयास किया गया था। इसके बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण दोबारा ज्ञापन दिया गया है। यह जानकारी कागल कांग्रेस के तालुकाध्यक्ष तथा सरपंच परिषद के जिला समन्वयक एडवोकेट दयानंद ना. पाटील-नंद्याळकर ने दी।
ज्ञापन की प्रतियां सांसद श्रीमंत शाहू छत्रपति और विधायक सतेज उर्फ बंटी पाटील को भी दी गई हैं। इस दौरान प्रकाश सावंत, संतोष पाटील, सिद्धार्थ कांबले, लक्ष्मण माली, राहुल घराळ, प्रवीण घराळ, सनी पाटील, वैभव फडतारे, रावसाहेब घराळ आदि उपस्थित रहे।
कापशी और सिद्धनेर्ली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की नई इमारतों के निर्माण को मंजूरी देने तथा बंद रक्त जांच सुविधाओं को पूर्ववत शुरू करने की मांग का ज्ञापन स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर को देते हुए एडवोकेट दयानंद पाटील-नंद्याळकर और पदाधिकारी।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
