मुरगूड में श्रमदान का संकल्प: शिवभक्त युवाओं ने सरपिराजीराव तलाव को गंदगी के अभिशाप से मुक्त किया
कोल्हापुर के मुरगूड में शिवभक्त युवाओं ने पांचवीं बार पेश की मिसाल। सरपिराजीराव तलाव से निकालीं ८०० से अधिक शराब की बोतलें और टन भर कचरा। मानसून से पहले प्रकृति को बचाने के लिए चलाए गए इस अनोखे श्रमदान की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

मुरगूड में सरपिराजीराव तलाव की सफाई के बाद एकत्रित कचरे के साथ सामाजिक कार्यकर्ता और शिवभक्त युवा। पांच वर्षों से यह टीम निरंतर श्रमदान कर रही है।
कोल्हापुर के मुरगूड में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक प्रेरक उदाहरण देखने को मिला, जहाँ शिवभक्त युवाओं ने अनवरत श्रमदान कर सरपिराजीराव तलाव और उससे जुड़े प्राकृतिक जलमार्ग को एक नई पहचान दी है। मानसून के आगमन से पूर्व, इस महत्वपूर्ण जलस्रोत को सुरक्षित और स्वच्छ रखने के उद्देश्य से युवाओं ने अलसुबह ही सफाई अभियान का बीड़ा उठाया। पिछले पांच वर्षों से निरंतर जारी इस अनुकरणीय उपक्रम के तहत, सुबह साढ़े पांच बजे से आठ बजे तक चले तीन घंटे के सघन स्वच्छता अभियान में युवाओं ने न केवल तलाव के तटों को, बल्कि तलाव तक जल पहुँचाने वाले नैसर्गिक ओढे को भी कचरा मुक्त किया।
सफाई अभियान की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि युवाओं की टीम ने परिसर से तीन ट्रॉली कचरा बाहर निकाला। इस कचरे में आठ सौ से अधिक शराब की खाली बोतलें, दो सौ से ज्यादा शीतल पेय की बोतलें, और भारी मात्रा में प्लास्टिक व अन्य हानिकारक अपशिष्ट शामिल थे। मद्यपी तत्वों द्वारा फेंकी गई कांच की नुकीली टूटियों और अन्य घातक वस्तुओं की तनिक भी परवाह न करते हुए, इन युवाओं ने अत्यंत सतर्कता के साथ पूरे क्षेत्र को स्वच्छ किया। चूँकि यह ओढा तलाव की जीवनरेखा माना जाता है, इसलिए इसकी विशेष सफाई पर युवाओं ने विशेष बल दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता सर्जेराव भाट, ओंकार पोतदार, तानाजी भराडे सहित अनेक युवाओं और उनकी अकादमी के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को सफल बनाया। यह टीम केवल तलाव तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मुरगूड शहर की नदियों, स्मशानभूमि और वाघापूर, घोडेकर व कुरणी जैसी यात्राओं के बाद उत्पन्न होने वाले कचरे को साफ करने का सामाजिक उत्तरदायित्व भी निरंतर निभा रही है। पर्यावरण संवर्धन के प्रति इन शिवभक्तों का समर्पण क्षेत्र के निवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है और हर ओर उनके इस निस्वार्थ कार्य की सराहना हो रही है।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
