नाले में गिरे उदमांजर को युवाओं ने बचाया, मुरगूड के साहसिक रेस्क्यू अभियान की हर ओर सराहना
कोल्हापुर के मुरगूड में दत्त मंदिर परिसर के नाले में गिरे उदमांजर को स्थानीय युवाओं ने साहसिक अभियान चलाकर बचाया और सुरक्षित वन विभाग को सौंप दिया।

तस्वीर में दिख रहा है कि कोल्हापुर के मुरगूड में सड़क किनारे तीन युवक (बाएं से दाएं: ग्रे टी-शर्ट, गुलाबी शर्ट और लाल स्वेटर पहने) नाले से निकाले गए एक उदमांजर को पीले रंग की बोरी में सुरक्षित रख रहे हैं।
कोल्हापुर के मुरगूड स्थित दत्त मंदिर परिसर के बड़े नाले में गिरे एक उदमांजर को स्थानीय युवाओं ने साहस, सूझबूझ और सतर्कता का परिचय देते हुए सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद वन्यजीव को वन विभाग के हवाले कर दिया गया। इस संवेदनशील और साहसिक कार्य के लिए संबंधित युवाओं की नागरिकों द्वारा व्यापक सराहना की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, दत्त मंदिर परिसर के नाले में एक वन्यप्राणी गिरा हुआ होने की जानकारी एक नागरिक को मिली। उन्होंने तत्काल सर्जेराव भाट, ओंकार पोतदार और शिवाजी चौगुले को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही तीनों मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि नाले में गिरा वन्यप्राणी उदमांजर है, जिसके बाद उन्होंने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया।
युवाओं ने आसपास से एक खोरा लाकर अत्यंत सावधानी के साथ उदमांजर को उस पर बैठाया और उसे सुरक्षित तरीके से नाले से बाहर निकाल लिया।
बचाव अभियान के दौरान उदमांजर आक्रामक हो गया था। उसने युवाओं पर अपने नाखूनों से हमला करने का भी प्रयास किया, लेकिन अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना तीनों ने संयम और साहस के साथ बचाव अभियान पूरा किया। इसके बाद उदमांजर को सुरक्षित रूप से वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया।
विशेष बात यह है कि इससे पहले भी दत्त मंदिर परिसर में पहुंचे उदमांजर के एक जोड़े को इन्हीं युवाओं ने सुरक्षित पकड़कर वन विभाग को सौंपा था। वन्यजीवों के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार पहल करने वाले सर्जेराव भाट, ओंकार पोतदार और शिवाजी चौगुले के साहस, तत्परता और सामाजिक जिम्मेदारी की नागरिकों द्वारा विशेष रूप से सराहना की जा रही है।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
