कोल्हापुर महानगरपालिका में वर्ष 1975 से 2023 तक वारसा हक के आधार पर नियुक्ति से जुड़े लंबित सभी प्रकरणों को सरळ सेवा भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से तत्काल निपटाने की मांग की गई है। शिवराज्य सफाई कर्मचारी सेना (रजि.) के राज्य मुख्य सचिव सुरेश तामोत ने इस संबंध में महापालिका आयुक्त डॉ. राजेंद्र भारूड से मुलाकात कर मांग रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों के साथ संगठन की विशेष बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

सुरेश तामोत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त डॉ. राजेंद्र भारूड से मुलाकात कर बताया कि मुंबई उच्च न्यायालय के औरंगाबाद खंडपीठ के आदेशों, राज्य शासन के अभिप्राय और लाड समिति की सिफारिशों के आधार पर जारी किए गए संशोधित शासन निर्णय का अभी तक प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हुआ है।

इस दौरान सुरेश तामोत ने कहा कि प्रशासन की ओर से तत्कालीन आयुक्त और राज्य शासन को गलत जानकारी दिए जाने के कारण वारसा हक के आधार पर नियुक्ति के कई मामले वर्षों से लंबित हैं। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि वर्ष 2014 से सेवानिवृत्त हुए सफाई कर्मचारियों के वारिसों को न्याय मिलने में काफी देरी हो रही है, जिससे कई परिवारों के साथ अन्याय हुआ है।

उन्होंने मांग की कि कोल्हापुर महानगरपालिका में वर्ष 1975 से 2023 तक वारसा हक नियुक्ति के सभी लंबित मामलों की समीक्षा कर उन्हें सरळ सेवा भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से तत्काल मंजूरी दी जाए।

लंबित नियुक्ति प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ संगठन की विशेष बैठक आयोजित करने के निर्देश आयुक्त डॉ. राजेंद्र भारूड ने प्रशासन को दिए हैं। इस बैठक के माध्यम से प्रकरणों की स्थिति और आगे की कार्रवाई पर चर्चा की जाएगी।

इस प्रतिनिधिमंडल में श्रीधर पंडत, रमेश लाड, राजन पंडत, सचिन पंडत, विनायक पंडत और अक्षय लाड शामिल थे। अब लंबित वारसा हक नियुक्ति प्रकरणों के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

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