कर्मवीर हिरे कनिष्ठ महाविद्यालय में पारंपरिक वेशभूषा और डांडिया का उत्साह, छात्रों ने दिखाई सांस्कृतिक विविधता
कोल्हापुर के गारगोटी स्थित कर्मवीर हिरे कनिष्ठ महाविद्यालय में नवरात्रोत्सव पर पारंपरिक वेशभूषा और डांडिया कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने विभिन्न राज्यों की संस्कृति प्रस्तुत की। प्राचार्य डॉ. यू. आर. शिंदे ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

कोल्हापुर के कर्मवीर हिरे कनिष्ठ महाविद्यालय परिसर में नवरात्रोत्सव के अवसर पर पारंपरिक परिधान पहनकर डांडिया नृत्य प्रस्तुत करतीं छात्राएं।
कोल्हापुर। श्री मौनी विद्यापीठ द्वारा संचालित कर्मवीर हिरे कनिष्ठ महाविद्यालय में नवरात्रोत्सव के अवसर पर पारंपरिक वेशभूषा और डांडिया कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पारंपरिक परिधानों, डांडिया की लय और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी से महाविद्यालय परिसर में सांस्कृतिक उत्सव का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. यू. आर. शिंदे ने किया। इस अवसर पर उपप्राचार्य डॉ. संजय देसाई, प्रा. एस. जे. जितकर, पर्यवेक्षक एस. एस. पाटील और प्रा. बालासाहेब बडबडे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नवरात्रोत्सव के सांस्कृतिक महत्व से परिचित कराना, भारतीय परंपराओं और लोकसंस्कृति की जानकारी देना तथा उनकी कलात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना था। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा धारण कर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया। रंग-बिरंगे परिधानों और आकर्षक वेशभूषा ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
पारंपरिक संगीत की धुन पर छात्र-छात्राओं ने डांडिया नृत्य में भाग लिया। अपने नृत्य प्रदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों ने सामूहिक भावना, सहयोग और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। पढ़ाई के साथ कला, संस्कृति और परंपराओं के प्रति विद्यार्थियों का जुड़ाव मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम को विद्यार्थियों की अच्छी भागीदारी मिली।
कार्यक्रम का स्वागत एवं प्रस्तावना प्रा. डी. एन. जाधव ने प्रस्तुत की। संचालन प्रा. एस. एस. वर्णे ने किया, जबकि प्रा. डी. जे. आरडे ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
