कोल्हापुर जिले के कागल तहसील अंतर्गत करंजिवणे गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां सौर ऊर्जा से संचालित विद्युत कुंपण (सोलर फेंसिंग) की चपेट में आने से मात्र 10 वर्षीय एक मासूम बालक की असामयिक मृत्यु हो गई। इस दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। अपनी जान गंवाने वाले बच्चे की पहचान रामा आप्पा गावडे के रूप में हुई है, जो मूलतः बेलगाम जिले के चिकोडी तहसील स्थित खडकलाट गांव का निवासी था और वर्तमान में करंजिवणे में रह रहा था।

घटना बीते गुरुवार की दोपहर उस समय घटित हुई जब रामा अपने घोड़ों को चरागाह से वापस लाने के लिए घर से निकला था। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, बच्चा जब बाळू कृष्णात इंदलकर के खेत से होकर गुजर रहा था, तभी अनजाने में उसका संपर्क वहां फसलों की सुरक्षा के लिए लगाए गए सौर ऊर्जा संचालित विद्युत कुंपण की तारों से हो गया। बिजली का तीव्र झटका लगते ही बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया और अचेत होकर गिर पड़ा। परिजन और स्थानीय लोग उसे तुरंत आनन-फानन में इलाज के लिए मुरगूड स्थित ग्रामीण अस्पताल ले गए, परंतु अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही नियति ने उसे छीन लिया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

इस दर्दनाक घटना की सूचना बिरू सिधाप्पा गावडे ने मुरगूड पुलिस को दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मुरगूड पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सौर कुंपण लगाने के मानकों का पालन किया गया था या नहीं। रानटी जानवरों से सुरक्षा के नाम पर लगाए गए ये तार अब एक मासूम की मौत का कारण बनकर सामने आए हैं, जिसने सुरक्षा प्रणालियों के संचालन और उनके खतरों को लेकर एक गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। प्रशासन और पुलिस की सक्रिय जांच ही अब इस मामले में न्याय की दिशा तय करेगी।

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