संभावित जल संकट के बीच घाटगे परिवार का बड़ा कदम, निजी कुओं का पानी नगर पालिका को देने की तैयारी
अल नीनो के कारण संभावित जल संकट की आशंका के बीच कागल के घाटगे परिवार ने बड़ा सामाजिक कदम उठाया है। निजी कुओं का पानी नागरिकों के लिए उपलब्ध कराने की तैयारी ने क्षेत्र में नई चर्चा छेड़ दी है।

राज्य में अल नीनो के प्रभाव के कारण संभावित जल संकट की आशंका के बीच कोल्हापुर जिले के कागल से सामाजिक उत्तरदायित्व का एक प्रेरणादायी उदाहरण सामने आया है। कागल के शाहू उद्योग समूह के अध्यक्ष राजे समरजीतसिंह घाटगे द्वारा जल संरक्षण और पानी के मितव्ययी उपयोग का आह्वान किए जाने के बाद घाटगे परिवार ने संकट की घड़ी में नागरिकों के लिए अपनी निजी जलसंपदा उपलब्ध कराने की पहल की है।
राजे समरजीतसिंह घाटगे ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके चाचा प्रवीणसिंहराजे घाटगे तथा भाई वीरेंद्रसिंहराजे घाटगे ने कागल स्थित अपनी तीन निजी कुओं का पानी आवश्यकता पड़ने पर नागरिकों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराने की सहमति दी है। इस अवसर पर राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, नगराध्यक्ष सविता माने, उपनगराध्यक्ष जयवंत रावण, जिला बैंक के संचालक प्रताप उर्फ भैय्या माने, पूर्व नगराध्यक्ष प्रकाश गाडेकर सहित महायुति के कई नगरसेवक एवं नगरसेविकाएं उपस्थित थे।
कागल शहर में मानसून के आगमन में देरी होने की स्थिति को देखते हुए पेयजल संकट गहराने की संभावना जताई जा रही है। इसी आशंका के मद्देनजर नगर पालिका ने एहतियाती कदम उठाते हुए पहले ही जलापूर्ति के समय में कटौती कर दी है। ऐसे समय में घाटगे परिवार द्वारा दिखाई गई सामाजिक प्रतिबद्धता शहरवासियों के लिए राहत का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है। आवश्यकता पड़ने पर नगर पालिका टैंकरों के माध्यम से इन कुओं का पानी शहर के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचा सकेगी।
घाटगे परिवार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए नगराध्यक्ष सविता माने ने उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नागरिकों की आवश्यकता के समय आगे बढ़कर सहयोग करना सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है।
घाटगे परिवार का समाजहित से जुड़ा यह कदम कोई पहला अवसर नहीं है। छत्रपति शाहू महाराज की लोककल्याणकारी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए परिवार पूर्व में भी कई महत्वपूर्ण सामाजिक निर्णय ले चुका है। विशेष रूप से वर्ष 1948 में परिवार के स्वामित्व वाला जयसिंगराव तालाब कागल नगर पालिका को हस्तांतरित किया गया था। उस ऐतिहासिक निर्णय का लाभ आज भी हजारों नागरिकों को मिल रहा है और शहर की जलापूर्ति व्यवस्था में उसका महत्वपूर्ण योगदान है।
राजे समरजीतसिंह घाटगे ने इस अवसर पर कहा कि केवल अपील करने के बजाय समाज के सामने व्यवहारिक उदाहरण प्रस्तुत करना आवश्यक है। उन्होंने अतिरिक्त जलस्रोत रखने वाले नागरिकों से भी अपील की कि वे संभावित संकट की स्थिति में प्रशासन का सहयोग करें और पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयासों में भागीदार बनें।
संभावित जल संकट के बीच घाटगे परिवार की यह पहल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। नागरिकों ने इसे सामाजिक संवेदनशीलता, जनहित और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रभावी उदाहरण बताते हुए सराहा है। यह कदम न केवल कागल के नागरिकों को संभावित राहत प्रदान कर सकता है, बल्कि समाज के अन्य सक्षम वर्गों को भी संकट के समय आगे आने की प्रेरणा दे सकता है।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
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ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
