कोल्हापुर: छात्रवृत्ति परीक्षा में कागल तालुका के प्रदर्शन के लिए शिक्षकों की कार्यशाला
गटशिक्षणाधिकारी सारिका कासोटे की मौजूदगी में हुई कार्यशाला में विद्यार्थियों की क्षमता अनुसार पढ़ाई और नियोजन पर जोर दिया गया।

तस्वीर में गुलाबी साफा पहने गटशिक्षणाधिकारी सारिका कासोटे मंच पर माइक से संबोधित करती हुईं।
कोल्हापुर। छात्रवृत्ति परीक्षा में कागल तालुका लगातार पहले तीन स्थानों में बना हुआ है। तालुका की गुणवत्ता के इस आलेख को और ऊंचाई देकर अग्रक्रम पर पहुंचाने के लिए शिक्षकों को लगातार प्रयास और परिश्रम करने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों की गुणवत्तावृद्धि के लिए मार्गदर्शक शिक्षकों को समर्पित होकर काम करना चाहिए, यह प्रतिपादन गटशिक्षणाधिकारी सारिका कासोटे ने किया।
केनवडे और बानगे (ता. कागल) में तालुका के चौथी और सातवीं कक्षा को पढ़ाने वाले मार्गदर्शक शिक्षकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में मार्गदर्शन करते हुए गटशिक्षणाधिकारी सारिका कासोटे बोल रही थीं।
उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति परीक्षा की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन, अभ्यास, नियोजन और विषय की गहन समझ देना आवश्यक है। विद्यार्थियों की क्षमता के अनुसार अध्यापन पद्धति अपनाकर गुणवत्तावृद्धि के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान भी इस दौरान किया गया।
इस अवसर पर एस. के. पाटील, सुनील पाटील, संदीप महेकर, आबासाहेब पसारे, संजय शिंदे, के. एस. कुंभार, विजय पाटील और विजय मिस्त्री इन विशेषज्ञ मार्गदर्शकों ने शिक्षकों को विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
कार्यशाला में विस्तार अधिकारी आर. एस. गावडे, केंद्रप्रमुख प्रदीप पाटील, निशांत डावरे, मुख्याध्यापक राजश्री पाटील, विजय पाटील, कार्यशाला के संयोजक रमेश कदम, बाबुराव चव्हाण सहित तालुका के बड़ी संख्या में मार्गदर्शक शिक्षक उपस्थित थे।
छात्रवृत्ति परीक्षा में कागल तालुका के लगातार पहले तीन स्थानों में बने रहने के बीच आयोजित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों की तैयारी, अभ्यास, नियोजन और गुणवत्तावृद्धि के लिए शिक्षकों के सामूहिक प्रयास पर जोर दिया गया।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
