कागल में 17 साल से निःशुल्क छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन, 25 केंद्रों पर 4 हजार विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के कागल में सुरेश सोनगेकर परिवार की 17 वर्षों से जारी निःशुल्क छात्रवृत्ति अभ्यास परीक्षा में 25 केंद्रों के लगभग 4 हजार विद्यार्थियों ने भाग लिया। सारिका कासोटे ने इस पहल की सराहना की।

कोल्हापुर के कागल तालुका स्थित बिद्री केंद्रशाला में आयोजित तालुकास्तरीय निःशुल्क छात्रवृत्ति अभ्यास परीक्षा के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित शिक्षक, विद्यार्थी और सुरेश सोनगेकर परिवार के सदस्य।
कोल्हापुर। कागल तालुका का जिला और राज्य की मेरिट सूची में लगातार अग्रणी स्थान बनाए रखने में समाज के शिक्षाप्रेमी और दानदाताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसी कड़ी में सुरेश सोनगेकर और उनके परिवार की ओर से पिछले 17 वर्षों से निःशुल्क छात्रवृत्ति अभ्यास परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के लिए परिवार की ओर से लगातार संचालित यह पहल प्रेरणादायक है। यह बात कागल की खंड शिक्षा अधिकारी सारिका कासोटे ने कही।
पंचायत समिति कागल के शिक्षा विभाग की ओर से तालुका के चौथी और सातवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए तालुकास्तरीय छात्रवृत्ति अभ्यास परीक्षा आयोजित की गई। बिद्री स्थित केंद्रशाला में परीक्षा के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सारिका कासोटे ने कहा कि कागल तालुका जिला और राज्य की गुणवत्ता सूची में हमेशा आगे रहा है। इसमें समाज के दानवीर शिक्षाप्रेमियों का योगदान महत्वपूर्ण है। सुरेश सोनगेकर और उनके परिवार की ओर से पिछले 17 वर्षों से निःशुल्क छात्रवृत्ति अभ्यास परीक्षा आयोजित की जा रही है। ग्रामीण विद्यार्थियों की शैक्षणिक उन्नति के लिए उठाया गया यह कदम प्रेरणादायक है।
इस अवसर पर कास्ट्राइब के जिलाध्यक्ष सुरेश सोनगेकर का गणमान्य व्यक्तियों के हाथों सम्मान किया गया।
केंद्र प्रमुख प्रीति पाटील ने कहा कि सोनगेकर परिवार की ओर से अपने खर्च पर निःस्वार्थ भाव से लगातार संचालित यह पहल कई लोगों के लिए मार्गदर्शक बनी है। विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए परिवार की ओर से किया जा रहा कार्य समाज के लिए आदर्श है।
बिद्री केंद्रशाला में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्र समन्वयक तानाजी आसबे, प्रधानाध्यापक दत्तात्रय भाटे, सुकुमार पाटील, संजय परीट, नारायण वारके, विठ्ठल पाटील, विजय पाटील, स्मिता परीट, अनिता कारंडे, उत्तम कांबले, वि. रा. पाटील, डी. एम. कुंभार और ए. एल. कांबले सहित अन्य उपस्थित रहे।
तालुका के 25 केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में लगभग 4 हजार विद्यार्थियों ने भाग लिया। परीक्षा को विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों की ओर से उत्साहजनक प्रतिसाद मिला। सोनगेकर परिवार की ओर से 17 वर्षों से जारी यह निःशुल्क शैक्षणिक पहल ग्रामीण विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति परीक्षा की तैयारी का अवसर उपलब्ध करा रही है।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
