कोल्हापुर जिले के कागल तहसील के म्हाकवे गांव में बिजली गिरने से जान गंवाने वाले युवा किसान स्वर्गीय रणजीत सिद्राम पाटील के परिवार को महाराष्ट्र सरकार ने चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर की है। सोमवार (2 नवंबर) को चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने परिवार को सहायता का स्वीकृति पत्र सौंपा। इसके अलावा मुश्रीफ फाउंडेशन की ओर से भी परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है।

17 अक्टूबर 2026 को रणजीत पाटील के ऊपर बिजली गिरने से उनकी दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई थी। परिवार के युवा सदस्य और सहारे के चले जाने से पाटील परिवार पर बड़ा संकट आ गया। घटना के बाद प्राकृतिक आपदा के कारण हुई जनहानि के तहत सरकारी नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

महाराष्ट्र शासन के राजस्व एवं वन विभाग के शासन निर्णय और कोल्हापुर जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार कागल तहसील कार्यालय के माध्यम से स्वर्गीय रणजीत पाटील के कानूनी वारिसों के लिए चार लाख रुपये (₹4,00,000) की आर्थिक सहायता मंजूर की गई। 2 नवंबर को मंत्री हसन मुश्रीफ ने परिवार के सदस्यों को सहायता का आधिकारिक स्वीकृति पत्र प्रदान किया।

इस अवसर पर मंत्री मुश्रीफ ने कहा कि दुख की भरपाई कभी नहीं हो सकती, लेकिन संकट के समय मिलने वाली आर्थिक सहायता परिवार के लिए बड़ा सहारा बनती है। मंजूर की गई इस राशि से दुख की घड़ी में पाटील परिवार को आर्थिक संबल मिलेगा। उन्होंने कहा कि रणजीत की यादों को हमेशा संजोते हुए उनके परिवार को इस कठिन परिस्थिति से उबरने की शक्ति मिले।

मुश्रीफ फाउंडेशन ने भी दिए एक लाख रुपये

रणजीत पाटील के निधन के बाद मंत्री हसन मुश्रीफ ने पाटील परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी थी। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया था। इसी क्रम में हसन मुश्रीफ फाउंडेशन के अध्यक्ष नवीद मुश्रीफ ने परिवार से मुलाकात कर एक लाख रुपये का चेक सौंपा था।

इस अवसर पर तहसीलदार अमरदीप वाकडे, रणजीत के पिता सिद्राम मारुति पाटील, माता श्रीमती आक्काताई सिद्राम पाटील, बहन श्रीमती प्रियांका पाटील, पूर्व उपसरपंच रमेश पाटील, जीवन कांबले, कुलदीप गवंडी, विजय पाटील सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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