कोल्हापुर। नागपंचमी के अवसर पर सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय, मुरगूड में सॉक्रेटिस क्लब की ओर से ‘सर्प : समझ और गलतफहमियां’ विषय पर विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सर्पमित्र प्रा. संदीप मोहिते ने विद्यार्थियों को सापों के पर्यावरणीय महत्व, विभिन्न प्रजातियों और सर्पदंश से जुड़े विषयों की विस्तृत जानकारी दी।

प्रा. मोहिते ने कहा कि साप प्रकृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और किसानों के मित्र हैं। वे खेतों में चूहों का नियंत्रण कर फसलों को होने वाले नुकसान को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए साप दिखाई देने पर डर के कारण उन्हें मारना नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें परेशान किए बिना सुरक्षित रूप से प्रकृति में रहने देना चाहिए।

उन्होंने बताया कि नागपंचमी के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर बड़ी-बड़ी यात्राओं का आयोजन किया जाता है। इस दौरान खेतों या जंगलों से साप पकड़कर उनका प्रदर्शन किया जाता है। सापों को पकड़ने और संभालने के दौरान उन्हें गंभीर चोट लगने की आशंका रहती है। ऐसी धरपकड़ में कई सापों की मौत भी हो जाती है। इसलिए सापों के प्रदर्शन की प्रथा बंद कर उनके संरक्षण को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

इस दौरान प्रा. मोहिते ने विभिन्न नाग प्रजातियों और सापों के प्रकारों को चित्रों के माध्यम से समझाया। उन्होंने विषैले और गैर-विषैले सापों के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए सर्पदंश होने पर घबराए बिना बरती जाने वाली सावधानियों की भी जानकारी दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे ने की। उन्होंने पूरे भारत में मनाई जाने वाली नागपंचमी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में नागपंचमी मनाने की परंपराओं में मौजूद विविधता को भी स्पष्ट किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में स्टाफ सेक्रेटरी प्रा. दादासाहेब सरदेसाई ने प्रस्तावना रखी। उन्होंने कहा कि नाग की पूजा कर उसके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना नागपंचमी मनाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य है।

कार्यक्रम का संचालन प्रा. डॉ. अशोक पाटील ने किया, जबकि हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. एच. एम. सोहनी ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के आयोजन में सौ. मनीषा पाटील का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर सौ. माणिक पाटील, प्रा. दीपक साळुंखे सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, शिक्षकेतर कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

नागपंचमी के अवसर पर आयोजित इस मार्गदर्शन कार्यक्रम में सापों के पर्यावरणीय महत्व और उनके संरक्षण के साथ सर्पदंश को लेकर जागरूकता पर जोर दिया गया।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

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ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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