शिंदेवाड़ी में 8 वर्षीय बच्चे के अपहरण की कोशिश, चॉकलेट का लालच देकर बाइक पर बैठाने का प्रयास
शिंदेवाड़ी में आठ वर्षीय बच्चे को चॉकलेट का लालच देकर बाइक पर बैठाकर मुरगूड ले जाने का प्रयास किया गया। बच्चे ने शोर मचाकर खुद को बचाया। घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।

कोल्हापुर। कागल तालुका के शिंदेवाड़ी में मंगलवार सुबह घर से खेलने निकले आठ वर्षीय बच्चे को चॉकलेट का लालच देकर दो अज्ञात व्यक्तियों ने बाइक पर बैठाकर ले जाने का प्रयास किया। बच्चे ने समय रहते शोर मचाया और वहां से भागकर घर पहुंच गया, जिससे अपहरण की कोशिश नाकाम हो गई। घटना के बाद शिंदेवाड़ी क्षेत्र में अभिभावकों में भय का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, शिंदेवाड़ी निवासी विराज वरुण खराडे (उम्र 8 वर्ष) मंगलवार सुबह करीब 10 बजे खेलने के लिए सड़क पार कर जा रहा था। इसी दौरान काले रंग की बाइक पर सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने उसे रोका। दोनों ने बच्चे से बातचीत करते हुए उससे कई सवाल पूछे। इसके बाद चॉकलेट देने का लालच दिखाकर उसे मुरगूड घुमाने की बात कही और बाइक पर बैठाने का प्रयास किया।
संदेह होने पर विराज घबरा गया और शोर मचाते हुए वहां से भागकर सीधे अपने घर पहुंचा। उसने अपने माता-पिता को पूरी घटना बताई। बच्चे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों अज्ञात व्यक्ति बाइक से मुरगूड की दिशा में फरार हो चुके थे।
घटना की जानकारी ग्रामीणों ने मुरगूड पुलिस को दी है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
अभिभावकों से छोटे बच्चों को अज्ञात लोगों से सावधान रहने की समझाइश करने की अपील की गई है। बच्चों को अज्ञात व्यक्ति से चॉकलेट या कोई अन्य वस्तु स्वीकार नहीं करने और उनके वाहन पर नहीं बैठने के बारे में बताया जाए। संदिग्ध व्यक्ति या वाहन दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने का भी आह्वान किया गया है।
शिंदेवाड़ी में आठ वर्षीय बच्चे को चॉकलेट का लालच देकर बाइक पर बैठाने के प्रयास की घटना ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
