कोल्हापुर: छत्रपति शाहू चीनी कारखाने का 47वां पेराई सत्र शुरू, मोळी पूजन संपन्न
समरजितसिंह घाटगे ने किसानों से पूरा गन्ना भेजने की अपील की और केंद्र सरकार से इथेनॉल उत्पादन पर प्रतिबंध न लगाने की मांग उठाई।

तस्वीर में समरजितसिंह घाटगे और अन्य अतिथि गन्ने की मोळी पूजन कार्यक्रम में शामिल हैं।
कोल्हापुर। कागल स्थित श्री छत्रपति शाहू सहकारी साखर कारखाने के 47वें गन्ना पेराई सत्र का मोळी पूजन समारोह विधिवत और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर शाहू उद्योग समूह के अध्यक्ष राजे समरजितसिंह घाटगे ने कारखाने द्वारा निर्धारित गन्ना पेराई लक्ष्य को पूरा करने के लिए कार्यक्षेत्र के किसानों से अपना पूरा उत्पादित गन्ना कारखाने को पेराई के लिए भेजने का आह्वान किया।
राजे समरजितसिंह घाटगे ने कहा कि पहले चीनी कारखाने करीब 180 दिनों तक संचालित होते थे, लेकिन अब औसतन पेराई सत्र घटकर 100 दिनों तक रह गया है। ऐसे में कम समय में अधिक से अधिक गन्ने की पेराई करना चीनी कारखानों के सामने चुनौती है। इस वर्ष एल नीनो परिस्थितियों की पृष्ठभूमि में पेराई सत्र चुनौतीपूर्ण है। हालांकि, अन्य क्षेत्रों की तुलना में कोल्हापुर जिले में गन्ने की फसल की स्थिति अच्छी है।
उन्होंने कहा कि चीनी की कीमतों में वृद्धि की पृष्ठभूमि में सरकार को इथेनॉल उत्पादन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाना चाहिए। इथेनॉल को उचित दर मिलना आवश्यक है। तभी इथेनॉल परियोजनाएं आर्थिक रूप से टिकाऊ रह सकेंगी। इथेनॉल उत्पादन पर प्रतिबंध लगाए जाने पर इसका असर चीनी कारखानों पर पड़ सकता है।
घाटगे ने कहा कि पिछले अनुभव से यह स्पष्ट हो चुका है। इथेनॉल परियोजनाओं को बंद रखना पड़ने से होने वाले नुकसान की भरपाई संबंधित परियोजना धारकों को दी जाए, ऐसी आग्रहपूर्ण मांग केंद्र सरकार से की गई है।
कारखाने के कार्यक्षेत्र में अपने हिस्से का गन्ना उपलब्ध हो, इसके लिए गन्ना उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से कारखाने की ओर से विभिन्न उपक्रम चलाए जा रहे हैं। किसानों से इन उपक्रमों का लाभ उठाकर गन्ना उत्पादन बढ़ाने की अपील भी घाटगे ने की। उन्होंने कहा कि जिले सहित पड़ोसी चीनी कारखानों के पेराई सत्र शुरू करने की स्थिति की समीक्षा के बाद ‘शाहू’ का पेराई सत्र शुरू करने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
सहकारी चीनी उद्योग इस समय विभिन्न कठिनाइयों से गुजर रहा है। किसान संगठन और कारखाना प्रबंधन चीनी उद्योग के सामने मौजूद विभिन्न समस्याओं का समाधान निकालने के प्रयास कर रहे हैं। ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में भी स्वर्गीय राजेसाहेब के समय से ‘शाहू’ ने संकटों का अनुमान लगाकर पूर्व तैयारी करने की परंपरा कायम रखी है। इसी आधार पर आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक योजना तैयार की गई है, ऐसा राजे समरजितसिंह घाटगे ने बताया।
मोळी पूजन समारोह के दौरान गव्हाण पूजा ज्येष्ठ संचालक और कर्नाटक के पूर्व ऊर्जा राज्यमंत्री वीरकुमार पाटील तथा उनकी पत्नी सौ. आशाराणी पाटील के हाथों की गई। सत्यनारायण पूजा संचालक युवराज पाटील और उनकी पत्नी सौ. मीनाक्षी पाटील के हाथों हुई, जबकि काटा पूजन संचालक सतीश पाटील और उनकी पत्नी सौ. मंगल पाटील के हाथों संपन्न हुआ।
इस अवसर पर सभी संचालक-संचालिका, कार्यकारी संचालक जितेंद्र चव्हाण, सभासद, गन्ना कटाई-परिवहन ठेकेदार, अधिकारी, कर्मचारी और हितचिंतक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। स्वागत उपाध्यक्ष अमरसिंह घोरपडे ने किया। संचालक सुनील मगदूम ने आभार व्यक्त किया।
कागल में श्री छत्रपति शाहू सहकारी साखर कारखाने के 47वें गन्ना पेराई सत्र के मोळी पूजन अवसर पर गव्हाण में गन्ने की मोळी डालते हुए शाहू उद्योग समूह के अध्यक्ष राजे समरजितसिंह घाटगे और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
