महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के कागल तालुका स्थित बिद्री के भारतमाता हाईस्कूल में नवरात्रोत्सव के अवसर पर शाही दशहरा एवं दांडिया महोत्सव उत्साह के साथ मनाया गया। पारंपरिक वेशभूषा, गरबा-दांडिया नृत्य और विभिन्न मनोरंजक प्रतियोगिताओं के आयोजन से विद्यालय परिसर में उत्सव का माहौल रहा।

महोत्सव के अवसर पर विद्यालय में पारंपरिक वेशभूषा दिवस आयोजित किया गया। इसमें सभी छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में भाग लिया। छात्राओं ने रंग-बिरंगे घाघरे, साड़ियां और आकर्षक आभूषण पहने, जबकि छात्रों ने कुर्ता-पायजामा, गांधी टोपी और रंग-बिरंगी पगड़ियां पहनकर भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। संगीत की धुन पर विद्यार्थियों ने गरबा और दांडिया नृत्य किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए म्यूजिकल चेयर, नींबू-चम्मच दौड़ और सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें विजेता रहे तनुश्री संदीप साठे, शौर्य मानसिंग कांबले, कार्तिकी सागर प्रभावले और नूपुर नितीन वागवेकर को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने के साथ ही उनमें एकता, सहयोग और सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता की भावना को बढ़ावा मिला। पारंपरिक परिधानों और गरबा-दांडिया नृत्य के बीच महोत्सव उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर मुख्याध्यापक टी. आर. पाटील, एम. जी. फराकटे, सी. डी. कुंभार, एस. एस. फराकटे, व्ही. आर. कुंभार, एस. एस. माजगावकर, एस. एम. पाटील, टी. पी. भोसले, पाटील मैडम, व्ही. डी. वारके, सतीश चव्हाण, अनिल कांबले और राजेंद्र वारके सहित शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

फोटो कैप्शन: बिद्री स्थित भारतमाता हाईस्कूल में शाही दशहरा एवं दांडिया महोत्सव के अवसर पर पारंपरिक वेशभूषा में गरबा-दांडिया का आनंद लेते छात्र-छात्राएं।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

Next Story