आंतरवासिता से छात्राध्यापकों को मिला शालेय कामकाज का प्रत्यक्ष अनुभव, प्रीती पाटील ने बताई उपयोगिता
बिद्री के भारतमाता हायस्कूल में बी.एड. छात्राध्यापकों के आंतरवासिता उपक्रम की अभिरूप शासकीय पाहणी हुई। केंद्रप्रमुख प्रीती पाटील ने शालेय कामकाज के प्रत्यक्ष अनुभव में उपक्रम की भूमिका बताई।

तस्वीर में बिद्री के भारतमाता हाईस्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रप्रमुख प्रीती पाटील संबोधित करती हुई और उनके पास बैठे अन्य अधिकारी नजर आ रहे हैं।
कोल्हापुर : विजय मोरबाळे
बिद्री स्थित भारतमाता हायस्कूल में गारगोटी के आचार्य जावडेकर शिक्षणशास्त्र महाविद्यालय के बी.एड. द्वितीय वर्ष के छात्राध्यापकों के लिए आयोजित आंतरवासिता उपक्रम की अभिरूप शासकीय पाहणी की गई। इस दौरान बिद्री केंद्र की केंद्रप्रमुख प्रीती पाटील ने कहा कि आंतरवासिता उपक्रम के माध्यम से प्रशिक्षणार्थी छात्राध्यापकों को विद्यालय में वर्षभर संचालित किए जाने वाले विभिन्न सहशैक्षणिक उपक्रमों की जानकारी मिलती है। इससे उनके ज्ञान में वृद्धि के साथ ही प्रायोगिक कार्य के माध्यम से भावी शिक्षकों को विद्यालय के कामकाज का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होता है।
अभिरूप शासकीय पाहणी के अवसर पर केंद्रप्रमुख प्रीती पाटील ने यह बात कही। कार्यक्रम में केंद्र समन्वयक तानाजी आसबे और प्रभारी मुख्याध्यापक टी. आर. पाटील प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
इस दौरान छात्राध्यापकों द्वारा एक महीने की अवधि में संचालित किए गए विभिन्न उपक्रमों की रिपोर्ट और विभिन्न अभिलेखों का मान्यवरों ने निरीक्षण किया। पाहणी के दौरान छात्राध्यापकों द्वारा किए गए कार्य पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्हें मार्गदर्शन संबंधी सुझाव दिए गए।
छात्र मुख्याध्यापक आकाश वारके ने प्रस्तावना प्रस्तुत की। इस अवसर पर शिल्पा पाटील, स्वाती बोडके, अक्षय बरगे, राकेश कांबळे, पूनम भास्कर, अमृता कोपर्डेकर, ऋतुजा रेडेकर, प्रीती बुजरे, ज्योती पाटील, कमला आसबे, रोहिणी कांबळे, उर्मिला पाटील और आकांक्षा पाटील सहित अन्य उपस्थित थे। धनराज आमते ने संचालन किया। उपमुख्याध्यापिका प्रतीक्षा मुसळे ने आभार व्यक्त किया।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
