कोल्हापुर जिले के भुदरगढ़ तालुका में समय पर हुई शुरुआती बारिश ने किसानों को बेहतर खरीफ सीजन की उम्मीद दी थी, लेकिन अब वही उम्मीद चिंता में बदलती नजर आ रही है। शुरुआती वर्षा के भरोसे लगभग 70 प्रतिशत वर्षा-आधारित किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई पूरी कर ली थी, परंतु पिछले एक महीने से बारिश की बेरुखी ने उनके सामने दोबारा बुवाई का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।

मृग नक्षत्र में की गई बुवाई को कृषि के लिहाज से लाभकारी माना जाता है। इसी विश्वास के साथ किसानों ने मौसम की शुरुआत में ही खेतों में बीज डाल दिए थे। हालांकि, फसलों की वृद्धि के लिए जिस समय नियमित वर्षा की आवश्यकता होती है, उसी दौरान बारिश का लंबा अंतराल किसानों की चिंता का कारण बन गया है। आसमान में बादलों की आवाजाही लगातार दिखाई दे रही है, लेकिन धरती तक बारिश नहीं पहुंच रही। ऐसे में किसानों की निगाहें लगातार आसमान पर टिकी हुई हैं।

पिछले तीन-चार वर्षों से जिले के किसान वर्षा की अनिश्चितता और बदलते मौसम के कारण लगातार नुकसान झेल रहे हैं। इस वर्ष मौसम विभाग द्वारा अच्छी वर्षा की संभावना जताए जाने के बाद किसानों ने खरीफ सीजन को लेकर बड़ी उम्मीदें बांधी थीं। लेकिन मृग नक्षत्र की शुरुआत में हुई बुवाई के बाद अपेक्षित वर्षा नहीं होने से खेतों में खड़ी फसलें संकट का सामना कर रही हैं।

आर्द्रा नक्षत्र शुरू होने के बावजूद क्षेत्र में केवल बादलों की मौजूदगी दिखाई दे रही है, जबकि वर्षा अब भी किसानों को इंतजार करा रही है। लगातार बढ़ती उमस और गर्मी ने न केवल किसानों बल्कि आम नागरिकों की परेशानियां भी बढ़ा दी हैं।

भुदरगढ़ तालुका के पश्चिमी भाग में धान की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। इस वर्ष अच्छी बारिश की उम्मीद में कई किसानों ने बिजली चालित पंपों और उपलब्ध जल स्रोतों की सहायता से धान की बुवाई पूरी कर ली थी। कुछ क्षेत्रों में फसलें अंकुरित होकर बढ़ने लगी हैं, जबकि पहाड़ी इलाकों के गांवों में बीज अभी अंकुरण की अवस्था में हैं। लेकिन यदि जल्द ही पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तो इन फसलों के प्रभावित होने की आशंका बढ़ सकती है।

फिलहाल पूरे भुदरगढ़ क्षेत्र के किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। कृषि कार्यों का भविष्य आने वाले दिनों की वर्षा पर निर्भर नजर आ रहा है। यदि बारिश ने कुछ और दिन साथ नहीं दिया, तो किसानों को दोबारा बुवाई जैसी अतिरिक्त आर्थिक और श्रम संबंधी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है, जिससे खरीफ सीजन पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

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