कोल्हापुर: बाळूमामा मंदिर 6 और 7 अक्टूबर को बंद रहेगा, स्वच्छता अभियान का निर्णय
शारदीय नवरात्रोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के मद्देनजर देवस्थान परिसर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए यह सेवाएं दो दिन स्थगित रहेंगी।

तस्वीर में श्री सद्गुरू बाळूमामा की मूर्ति पीले वस्त्र और पुष्पमालाओं से सुसज्जित दिख रही है।
कोल्हापुर। शारदीय नवरात्रोत्सव की तैयारियों के बीच मूळक्षेत्र मेतके स्थित श्री सद्गुरू बाळूमामा देवस्थान में 6 और 7 अक्टूबर को दर्शन व्यवस्था पूरी तरह बंद रहेगी। मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान के चलते मंगलवार, 6 अक्टूबर और बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को मंदिर के साथ अन्नछत्र और भक्तनिवास की सेवाएं भी बंद रखी जाएंगी। इसकी जानकारी श्री सद्गुरू बाळूमामा चॅरिटेबल ट्रस्ट की ओर से दी गई है।
मूळक्षेत्र मेतके में प्रतिवर्ष की तरह शारदीय नवरात्रोत्सव उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। नवरात्रोत्सव के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाळूमामा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित परिसर उपलब्ध कराने के लिए देवस्थान की ओर से मुख्य देवालय, अन्नछत्र, भक्तनिवास और आसपास के परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
6 और 7 अक्टूबर को स्वच्छता कार्य जारी रहने के कारण मंदिर में दर्शन व्यवस्था, अन्नछत्र और भक्तनिवास सेवाएं बंद रहेंगी। देवस्थान ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से इन दोनों दिनों का ध्यान रखते हुए दर्शन की योजना बनाने और स्वच्छता अभियान में सहयोग करने का आह्वान किया है।
नवरात्रोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए देवस्थान परिसर को स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखने के लिए यह अभियान आयोजित किया जा रहा है। ट्रस्ट के अनुसार 8 अक्टूबर से दर्शन और संबंधित सेवाएं पूर्ववत शुरू कर दी जाएंगी।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
