सिद्धनेर्ली में 'माझा एक दिवस बळीराजासाठी' अभियान उत्साह से संपन्न, किसानों ने खेत पर रखीं समस्याएं और अहम सुझाव
कागल तालुका के सिद्धनेर्ली में महाराष्ट्र शासन के कृषि विभाग का 'माझा एक दिवस बळीराजासाठी' अभियान उत्साह के साथ आयोजित हुआ। किसानों ने खेत पर अधिकारियों के सामने बिजली, फसल बीमा, बीज, बाजार भाव और अन्य समस्याएं रखीं, जबकि आधुनिक कृषि तकनीकों का भी प्रदर्शन किया गया।

कोल्हापुर : विजय मोरबाळे
महाराष्ट्र शासन के कृषि विभाग की ओर से संचालित 'माझा एक दिवस बळीराजासाठी' अभिनव अभियान रविवार को कागल तालुका के सिद्धनेर्ली में उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों के खेतों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझना, आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देना तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुंचाना था।
कार्यक्रम में पंचायत समिति कागल की सभापति सौ. सुवर्णा पाटील, शाहू साखर कारखाना के संचालक सुनील मगदूम, प्रगतिशील किसान कृष्णा मगदूम एवं शिवाजी घराळ, सोसायटी के चेयरमैन सुभाष मगदूम, कॉम्रेड अध्यक्ष शिवाजी मगदूम, पूर्व प्राध्यापक शशिकांत पाटील, राजे बैंक के संचालक हजारे सहित क्षेत्र के अनेक प्रतिष्ठित किसान उपस्थित रहे।
कृषि विभाग की ओर से तालुका कृषि अधिकारी शेखर थोरात, उपकृषि अधिकारी प्रतिभा देसाई, सहायक कृषि अधिकारी रियाज पखाली तथा कृषि महाविद्यालय की कृषिकन्याएं भी कार्यक्रम में मौजूद थीं।
कार्यक्रम की शुरुआत चायपान से हुई। इसके बाद प्रगतिशील किसान कृष्णा मगदूम के खेत में नीले एवं पीले चिपचिपे ट्रैप, कामगंध ट्रैप, पक्षी ठहराव (बर्ड पर्च) सहित एकीकृत फसल संरक्षण उपायों का प्रदर्शन किया गया। किसानों को आधुनिक फसल संरक्षण तकनीकों की जानकारी भी दी गई।
इस अवसर पर आयोजित कृषि प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में सही उत्तर देने वाले किसानों को सभापति सौ. सुवर्णा पाटील के हाथों कृषि उपयोगी उपहार देकर सम्मानित किया गया।
इसके बाद उपस्थित मान्यवरों ने वृक्षारोपण किया। खेत में आयोजित मुक्त संवाद सत्र के दौरान किसानों ने कृषि क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, शासन की योजनाओं में मौजूद कमियों तथा अपेक्षित सुधारों पर विस्तार से चर्चा की। कृषि अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं और सुझावों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
संवाद के दौरान किसानों ने अनियमित बिजली आपूर्ति, मजदूरों की कमी, कृषि निवेश सामग्री की बढ़ती कीमतें तथा उपज का उचित बाजार भाव नहीं मिलने जैसी प्रमुख समस्याएं रखीं। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि मृदा परीक्षण की रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाए, कृषि विभाग के बीज 15 मई से पहले उपलब्ध हों, सभी शासकीय योजनाएं एक ही ऐप पर उपलब्ध कराई जाएं, फसल बीमा योजना का लाभ वास्तविक नुकसान झेलने वाले किसानों को ही मिले, महावितरण की सेवाओं में सुधार किया जाए, पाटबंधारे विभाग प्रभावी जल नियोजन सुनिश्चित करे तथा माप संबंधी नक्शे समय पर उपलब्ध कराए जाएं।
इस दौरान किसानों ने बताया कि वे कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, प्रशिक्षण, ठिबक सिंचन, कृषि यांत्रिकीकरण, AgriStack पंजीकरण तथा आधुनिक फसल संरक्षण तकनीकों का लाभ ले रहे हैं। किसानों ने यह भी कहा कि कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा खेतों पर पहुंचकर उनकी समस्याएं प्रत्यक्ष रूप से सुनने से शासन और किसानों के बीच विश्वास और मजबूत होगा। उपस्थित किसानों के अनुसार यह अभियान केवल मार्गदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कृषि विकास के लिए रचनात्मक संवाद का प्रभावी मंच भी साबित हुआ।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
