कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में आर्थिक साक्षरता कार्यशाला, अतुल जाधव बोले- आय से अधिक जरूरी है सही वित्तीय योजना
गारगोटी के कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में आयोजित आर्थिक साक्षरता कार्यशाला में अतुल जाधव ने SIP, म्युच्युअल फंड, बीमा और वित्तीय नियोजन का महत्व विद्यार्थियों को समझाया।

तस्वीर में कर्मवीर हिरे महाविद्यालय गारगोटी के जे. पी. नाईक सभागृह में मंच पर उपस्थित अतिथिगण और प्राध्यापक एक-दूसरे को सम्मानित करते हुए।
श्री मौनी विद्यापीठ संचालित कर्मवीर हिरे महाविद्यालय, गारगोटी में अंतर्गत गुणवत्ता हमी कक्ष (IQAC) और अर्थशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों के लिए आर्थिक साक्षरता कार्यशाला का आयोजन किया गया। जे. पी. नाईक हॉल में आयोजित इस कार्यशाला को विद्यार्थियों का उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिला, जिसमें वित्तीय नियोजन, बचत और निवेश से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन किया गया।
कार्यशाला की अध्यक्षता उपप्राचार्य डॉ. एस. बी. देसाई ने की, जबकि प्रा. डॉ. एस. डी. वारके प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रा. डॉ. ए. एम. प्रधान के प्रास्ताविक से हुई।
मुख्य मार्गदर्शक अतुल जाधव (फायनान्शियल कन्सल्टंट, Ample Wealth Management Company) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि "आय से अधिक महत्वपूर्ण सही वित्तीय नियोजन होता है।" उन्होंने बताया कि बचत, निवेश, आर्थिक अनुशासन और दीर्घकालीन योजना के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को SIP, म्युच्युअल फंड, बीमा, सेवानिवृत्ति योजना, आपातकालीन निधि (Emergency Fund) तथा वित्तीय जोखिम प्रबंधन के महत्व की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक निवेश योजनाओं से सतर्क रहने का आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले केवल अधिकृत जानकारी और विशेषज्ञों की सलाह पर ही भरोसा करना चाहिए।
अतुल जाधव ने विद्यार्थियों को अपने वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करने, मासिक बजट तैयार करने, अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने तथा जिम्मेदारी के साथ ऋण का उपयोग करने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के भी उन्होंने विस्तारपूर्वक उत्तर दिए।
अध्यक्षीय समारोप में उपप्राचार्य डॉ. एस. बी. देसाई ने कहा कि आर्थिक साक्षरता प्रत्येक विद्यार्थी के लिए आवश्यक है और इस प्रकार की जीवनोपयोगी कार्यशालाएं वर्तमान समय की आवश्यकता हैं।
कार्यशाला में प्रा. पी. पी. डांगे, प्रा. चित्रकार, प्रा. शिवाजी देसाई, प्रा. दिक्षित, प्रा. सचिन चौगले, प्रा. श्रीकांत देसाई, प्रा. दयानंद कांबळे, प्रा. डी. के. पाटील, प्रा. मेंगाणे, प्रा. रायजाधव, प्रा. कामत, प्रा. सुप्रिया शिंदे, प्रा. रंजना शेळके, प्रा. अनिता मतीवडे, प्रा. प्रणाली शिंदे सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन प्रा. अतिश चव्हाण ने किया।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
