MNS local leaders support Shinde : महाराष्ट्र की राजनीति में बुधवार को उस समय नया भूचाल आ गया, जब कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के सत्ता संघर्ष में राज ठाकरे की पार्टी मनसे (MNS) ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना का साथ देने का ऐलान कर दिया। इस चौंकाने वाले गठबंधन ने जहाँ 'महायुति' की राह आसान कर दी है, वहीं शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने एक बड़ा और सनसनीखेज खुलासा कर इस दोस्ती की बुनियाद पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। राउत का दावा है कि यह फैसला राज ठाकरे का नहीं, बल्कि स्थानीय नेताओं की 'बगावत' का नतीजा है।

सत्ता का समीकरण: KDMC में 'नंबर गेम' की बिसात

हाल ही में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों के बाद KDMC में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। 122 सीटों वाली इस महानगरपालिका में बहुमत का आंकड़ा 62 है। शिवसेना (शिंदे गुट) के पास 53 और भाजपा के पास 50 पार्षद हैं। इस त्रिशंकु स्थिति में मनसे के 5 पार्षदों का समर्थन निर्णायक साबित हुआ है। बुधवार को कोंकण भवन में शिंदे गुट के सांसद श्रीकांत शिंदे की मौजूदगी में मनसे पार्षदों ने अपना समर्थन पत्र सौंपा, जिससे शिंदे गुट का पलड़ा भारी हो गया है।

संजय राउत का खुलासा :

इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने दावा किया कि राज ठाकरे इस फैसले से बेहद दुखी और व्यथित हैं। राउत के मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:

  • स्थानीय नेताओं की मनमानी: राउत ने कहा कि यह पार्टी (मनसे) की भूमिका नहीं है, बल्कि स्थानीय नेताओं ने अपनी मर्जी से यह कदम उठाया है।
  • कठोर कार्रवाई की मांग: उन्होंने उदाहरण दिया कि जिस तरह अंबरनाथ में कांग्रेस पार्षदों पर कार्रवाई हुई, वैसे ही राज ठाकरे को भी इन नेताओं को पार्टी से निकाल देना चाहिए।
  • बेईमानी का आरोप: राउत ने कड़े शब्दों में कहा कि सत्ता के लिए महाराष्ट्र के साथ 'बेईमानी' करने वालों के साथ जाने वाले भी 'बेईमान' कहलाएंगे।

शिंदे गुट का पलटवार: 'विकास के लिए साथ'

वहीं, दूसरी ओर सांसद श्रीकांत शिंदे ने इस गठबंधन का स्वागत करते हुए इसे विकास की राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि मनसे ने 'महायुति' को मजबूती प्रदान की है और अब भाजपा-शिवसेना-मनसे मिलकर कल्याण-डोंबिवली का विकास करेंगे। शिंदे गुट ने यह भी संकेत दिया कि उद्धव गुट के कुछ और पार्षद भी उनके संपर्क में हैं।


Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story