कोल्हापुर जिला मध्यवर्ती सहकारी (केडीसीसी) बैंक से जुड़े 11 हजार 198 किसानों के लिए बड़ी राहत सामने आई है। राज्य शासन की ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना-2026’ के तहत इन किसानों की कर्जमाफी के 74 करोड़ रुपये की राशि बैंक के पास जमा हो गई है। यह जानकारी केडीसीसी बैंक के अध्यक्ष तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने दी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में आयोजित ऑनलाइन लाभ वितरण कार्यक्रम में कर्जमाफी की राशि के वितरण की शुरुआत की गई। मंत्री हसन मुश्रीफ ने इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।

मंत्री मुश्रीफ ने बताया कि केडीसीसी बैंक ने 29 हजार 429 किसानों की जानकारी राज्य शासन के पोर्टल पर अपलोड की है। इन किसानों की कुल कर्जमाफी राशि 235 करोड़ रुपये है। पहले चरण में 23 हजार 131 पात्र किसानों की सूची प्राप्त हुई है। इनमें से 15 हजार 783 किसानों ने आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इनमें 11 हजार 198 किसानों की कर्जमाफी के 74 करोड़ रुपये बैंक के पास जमा हो चुके हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आधार प्रमाणीकरण पूरा कर चुके शेष 4 हजार 585 किसानों के खातों में भी जल्द ही कर्जमाफी की राशि जमा की जाएगी। वहीं, अभी तक 7 हजार 348 किसानों ने आधार प्रमाणीकरण पूरा नहीं किया है। मंत्री मुश्रीफ ने इन किसानों से तत्काल आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी करने का आह्वान किया।

इसके अलावा, एग्रीस्टैक पंजीकरण नहीं कराने वाले किसानों, मृत खातेदारों के वारिसों, परिवार के सदस्यों की सहमति से फसल ऋण लेने वाले किसानों, देवस्थान भूमि पर ऋण लेने वाले किसानों तथा सात-बारा अभिलेख पर वारिस पंजीकरण लंबित होने वाले किसानों को भी कर्जमाफी का लाभ मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से लगातार आग्रह किया जा रहा है। मंत्री हसन मुश्रीफ ने बताया कि इन मामलों को कर्जमाफी के दायरे में लाने के लिए मुख्यमंत्री के स्तर पर उनका प्रयास जारी है।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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