केडीसीसी बैंक की फसल ऋण वसूली 86.22% पर पहुंची, 80% कृषि ऋण वितरण में बैंक की रही हिस्सेदारी
30 जून 2026 तक केडीसीसी बैंक की फसल ऋण वसूली 86.22% रही। जी. एम. शिंदे और हसन मुश्रीफ ने वसूली के आंकड़ों व कर्जमाफी के प्रभाव पर जानकारी दी।

कोल्हापुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक (के.डी.सी.सी. बैंक) ने कृषि फसल ऋण वसूली की अपनी परंपरा को एक बार फिर कायम रखा है। 30 जून 2026 तक बैंक की फसल ऋण वसूली 86.22 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं, कोल्हापुर जिले के कुल ऋण वितरण में अकेले के.डी.सी.सी. बैंक की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोल्हापुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक ने जिले की कुल 1937 विकास संस्थाओं के माध्यम से वर्ष 2025-26 के फसल सीजन के लिए 2 लाख 60 हजार किसानों को कृषि ऋण वितरित किया था। 30 जून 2026 तक ₹2595 करोड़ की देय कृषि एवं फसल ऋण राशि के मुकाबले बैंक ने कुल ₹2237 करोड़ की कृषि एवं फसल ऋण वसूली की है।
इस संबंध में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जी. एम. शिंदे ने बताया कि पिछले वर्ष बैंक की फसल ऋण वसूली 90 प्रतिशत रही थी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर कर्जमाफी योजना के तहत बकायेदार सदस्यों को शामिल किए जाने के कारण बैंक ने ₹200 करोड़ की बकाया राशि शासन के पोर्टल पर दर्ज की है। यदि शासन की ओर से यह राशि समय पर बैंक को प्राप्त हो जाती, तो बैंक की फसल ऋण वसूली 94 प्रतिशत तक पहुंच जाती।
उन्होंने बताया कि किसानों, विकास सेवा संस्थाओं के पदाधिकारियों, सचिवों, चीनी मिलों, सभी कृषि उपज बाजार समितियों तथा सहकार विभाग ने ऋण वसूली अभियान में बैंक को महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। इसके साथ ही बैंक के सभी संचालक मंडल के सदस्यों ने मई और जून माह के दौरान अपने-अपने तालुकों की विकास सेवा संस्थाओं की वसूली की समीक्षा बैठकें आयोजित कर व्यापक स्तर पर प्रयास किए। इसी कारण बैंक ने इस फसल सीजन में भी बेहतर ऋण वसूली की अपनी परंपरा बरकरार रखी है।
बैंक के अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा कि बैंक को इस वर्ष फसल ऋण वसूली 97 से 98 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद थी। हालांकि, व्यापक स्तर पर कर्जमाफी होने की संभावना के कारण किसानों ने फसल ऋण का भुगतान नहीं किया, जिसके चलते बैंक की फसल ऋण वसूली 86 प्रतिशत पर ही आकर रुक गई।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
