कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में बीएससी नवागतों के लिए 'कैंपस कनेक्ट' की शुरुआत, करियर अवसरों पर विशेष मार्गदर्शन
कोल्हापुर के गारगोटी स्थित कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में बीएससी नवागतों के लिए 'कैंपस कनेक्ट' कार्यक्रम शुरू हुआ, जिसमें करियर, अनुसंधान और NEP-2020 पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया गया।

तस्वीर में कर्मवीर हिरे महाविद्यालय, गारगोटी के डॉ. जे. पी. नाईक सभागृह में मंच पर पोडियम से संबोधन देते वक्ता और पास में बैठे अन्य अतिथि दिखाई दे रहे हैं।
कोल्हापुर के गारगोटी स्थित श्री मौनी विद्यापीठ संचालित कर्मवीर हिरे कला, विज्ञान, वाणिज्य व शिक्षण महाविद्यालय में बी.एस्सी. प्रथम वर्ष के नवागत विद्यार्थियों के लिए सात दिवसीय महाविद्यालय परिचय एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम ‘कैंपस कनेक्ट’ का उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रा. (डॉ.) यू. आर. शिंदे ने की।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. यू. आर. शिंदे ने कहा कि विज्ञान संकाय की शिक्षा के माध्यम से अनुसंधान, उद्योग, जैवतंत्रज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा साइंस और पर्यावरण विज्ञान जैसे क्षेत्रों में व्यापक करियर अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए नियमित अध्ययन, जिज्ञासु दृष्टिकोण, आत्मविश्वास तथा आधुनिक तकनीक की समझ विकसित करने का आह्वान किया।
प्राचार्य डॉ. शिंदे ने महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए शिक्षा, अनुसंधान, खेल, सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्रों में संस्थान की उल्लेखनीय उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने गुणवत्तापूर्ण प्रदर्शन और कर्तृत्व के माध्यम से महाविद्यालय की सफल परंपरा को आगे बढ़ाने और संस्थान का नाम और ऊंचा करने का आह्वान किया।
आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. सागर व्हनाळकर ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, समृद्ध ग्रंथालय, कौशल विकास पाठ्यक्रमों, अनुसंधान के अवसरों तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयीन जीवन में अनुशासन, समय प्रबंधन, सकारात्मक दृष्टिकोण और सहशैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर डॉ. सतीश पाटील, डॉ. संताजी खोपडे और डॉ. उत्तम चौगले उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. विलास जगताप, प्रा. चेतन भगत, प्रा. प्रविण खराडे, प्रा. दीपक मोहिते तथा प्रा. माधवी कल्याणकर सहित अन्य प्राध्यापक भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का प्रास्ताविक विज्ञान विभाग की समन्वयक डॉ. मृणाल देसाई ने प्रस्तुत किया, जबकि आभार पदार्थविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. शरदराव व्हनाळकर ने व्यक्त किया। गारगोटी स्थित कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में आयोजित ‘कैंपस कनेक्ट’ उद्बोधन वर्ग के दौरान प्राचार्य प्रा. (डॉ.) यू. आर. शिंदे ने नवागत बी.एस्सी. विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया, जबकि मंच पर अन्य मान्यवर भी उपस्थित रहे। यह सात दिवसीय कार्यक्रम विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन वातावरण, उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की शैक्षणिक एवं करियर संभावनाओं से परिचित कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
