श्री मौनी विद्यापीठ संचालित कर्मवीर हिरे महाविद्यालय, गारगोटी में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के बी.ए. और बी.कॉम. विभाग के नवागत विद्यार्थियों का स्वागत समारोह उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रा. डॉ. यू. आर. शिंदे ने विद्यार्थियों से जिज्ञासु वृत्ति विकसित करने और कक्षा में प्रश्न पूछने की आदत डालने का आह्वान करते हुए कहा कि “प्रश्न पूछने वाला विद्यार्थी ही सच्चा विद्यार्थी होता है।”

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रा. डॉ. यू. आर. शिंदे ने की। इस अवसर पर श्री मौनी विद्यापीठ के कर्मचारी प्रतिनिधि डॉ. ए. एम. चौगुले, उपप्राचार्य डॉ. एस. बी. देसाई, बी.ए. विभाग के समन्वयक प्रा. डॉ. ए. एम. प्रधान, बी.कॉम. विभाग के समन्वयक प्रा. ए. एस. मिसाळ तथा बी.ए.-बी.एड. विभाग के समन्वयक प्रा. एस. एस. पाटील प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

प्रास्ताविक में प्रा. डॉ. ए. एम. प्रधान ने नवागत विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से महाविद्यालयीन जीवन का सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ लाभ उठाने का आह्वान किया।

इसके बाद प्रा. अतिश चव्हाण ने आकर्षक पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से महाविद्यालय में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों, सुविधाओं, प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, शैक्षणिक यात्राओं तथा विद्यार्थी विकास के विभिन्न अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। इससे नवागत विद्यार्थियों को महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों और उपलब्ध अवसरों की प्रभावी जानकारी मिली।

इस अवसर पर बी.कॉम. प्रथम वर्ष की छात्राओं आरती डुगे, नंदिनी कोदले, अनुष्का आरेकर, पूनम मिटके, नेहा देसाई, प्रगति भोसले और स्नेहल मुरकर ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने महाविद्यालय से जुड़ी अपनी अपेक्षाओं और नए शैक्षणिक सफर को लेकर उत्साह व्यक्त किया। इसके अलावा समृद्धी कुपटे, मयुरी कुपटे और प्रगति कांबळे ने भी महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण और उपलब्ध अवसरों को लेकर अपने विचार रखे।

प्रा. डॉ. डी. के. पाटील, डॉ. वाय. डी. देवाळे, डॉ. एस. बी. देसाई और डॉ. पी. पी. डांगे ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयीन जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, कौशल, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण अवसर है।

अध्यक्षीय भाषण में प्राचार्य प्रा. डॉ. यू. आर. शिंदे ने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ पठन, चिंतन, चर्चा और प्रश्न पूछने की आदत बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “कक्षा में प्रश्न पूछने वाला विद्यार्थी शिक्षक के लिए परेशानी पैदा करने वाला नहीं, बल्कि उनकी विचार क्षमता को गति देने वाला होता है। प्रश्नों से विचार पैदा होते हैं और विचारों से ज्ञान का निर्माण होता है।” उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों के साथ खुलकर संवाद करने, अपनी शंकाएं पूछने और जिज्ञासु वृत्ति विकसित करने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक, खेल, सांस्कृतिक, सामाजिक और प्रतियोगी परीक्षा संबंधी सुविधाओं का विद्यार्थियों को पूरा लाभ उठाना चाहिए तथा अपनी छिपी प्रतिभाओं का विकास करना चाहिए। विद्यार्थियों की सर्वांगीण प्रगति के लिए महाविद्यालय सदैव सहयोग करेगा, ऐसी गारंटी भी उन्होंने दी।

कार्यक्रम का संचालन प्राची गोंधळी और मधुरा पाटील ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में बी.ए. और बी.कॉम. विभाग के प्राध्यापकों, कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों ने सहयोग किया। अंत में प्रा. ए. एस. मिसाळ ने आभार व्यक्त किया।

फोटो : कर्मवीर हिरे महाविद्यालय, गारगोटी में आयोजित नवागत विद्यार्थियों के स्वागत समारोह में मार्गदर्शन करते हुए प्राचार्य प्रा. डॉ. यू. आर. शिंदे। मंच पर गणमान्य व्यक्ति उपस्थित।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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