कोल्हापुर : विजय मोरबाळे

श्री मौनी विद्यापीठ, गारगोटी संचालित कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में बी.ए.-बी.एड. (एकीकृत) पाठ्यक्रम को अब बी.ए.-बी.एड. (आई.टी.ई.पी.—Integrated Teacher Education Programme) में परिवर्तित कर दिया गया है। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई), नई दिल्ली की ओर से इस संबंध में मान्यता आदेश हाल ही में महाविद्यालय को प्राप्त हुआ है। माध्यमिक स्तर की दो यूनिट्स को कुल 100 विद्यार्थियों की प्रवेश क्षमता के साथ यह मान्यता दी गई है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और एनसीटीई की नई शैक्षणिक नीति के अनुसार शिक्षक शिक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। इसी के तहत श्री मौनी विद्यापीठ के अंतर्गत कर्मवीर हिरे महाविद्यालय और शिवाजी विश्वविद्यालय से संबद्ध बी.ए.-बी.एड. (एकीकृत) पाठ्यक्रम को बी.ए.-बी.एड. (आई.टी.ई.पी.) में परिवर्तित किया गया है।

नए पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को विषय ज्ञान के साथ आधुनिक शिक्षक शिक्षा, अध्यापन कौशल, शैक्षणिक तकनीक, अनुसंधानात्मक दृष्टिकोण, मूल्य आधारित शिक्षा और बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप जरूरी व्यावसायिक कौशल हासिल करने का अवसर मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आधुनिक शिक्षक शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने का नया अवसर खुला है।

कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में शिक्षक शिक्षा की परंपरा वर्ष 1957 में डॉ. जे. पी. नाईक और मा. व्ही. टी. पाटील की दूरदृष्टि से शुरू हुए डी.आर.एस. पाठ्यक्रम से हुई थी। इसके बाद डी.आर.एस. (एजुकेशन), बी.ए.-बी.एड. (स्पेशल), बी.ए.-बी.एड. (एकीकृत) और अब बी.ए.-बी.एड. (आई.टी.ई.पी.) तक यह यात्रा पहुंची है। यह बदलाव केवल पाठ्यक्रम में परिवर्तन नहीं, बल्कि ग्रामीण महाराष्ट्र में शिक्षक शिक्षा की सात दशक पुरानी समृद्ध परंपरा को आधुनिक राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

मान्यता की प्रक्रिया में महाराष्ट्र सरकार, शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर तथा श्री मौनी विद्यापीठ के अध्यक्ष श्री सतेज उर्फ बंटी डी. पाटील, चेयरमैन श्री मधुकर (आप्पा) देसाई, संस्था के सभी ट्रस्टी, पदाधिकारी और संचालक डॉ. पी. बी. पाटील का मार्गदर्शन एवं सहयोग मिला। कर्मवीर हिरे महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. यू. आर. शिंदे के मार्गदर्शन में मान्यता प्रक्रिया पूरी की गई।

बी.ए.-बी.एड. (आई.टी.ई.पी.) पाठ्यक्रम को मिली मान्यता से गारगोटी के शैक्षणिक क्षेत्र की प्रतिष्ठा में और वृद्धि हुई है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षक शिक्षा का नया अवसर उपलब्ध हुआ है।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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