कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में GATE-JAM की तैयारी पर कार्यशाला, IIT बॉम्बे के विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन
गारगोटी के कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में GATE और JAM परीक्षाओं की तैयारी के लिए कार्यशाला आयोजित हुई। IIT बॉम्बे के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को परीक्षा, पाठ्यक्रम, आवेदन प्रक्रिया और तैयारी की विस्तृत जानकारी दी।

तस्वीर में कर्मवीर हिरे महाविद्यालय, गारगोटी के सभागार में आईआईटी बॉम्बे की साधन व्यक्ति मुस्कान रस्तोगी GATE और JAM परीक्षा कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करती हुई नजर आ रही हैं.
गारगोटी स्थित श्री मौनी विद्यापीठ संचालित कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में GATE और JAM परीक्षाओं की तैयारी को लेकर आयोजित मार्गदर्शन कार्यशाला में विद्यार्थियों को परीक्षा के स्वरूप, पाठ्यक्रम, आवेदन प्रक्रिया और तैयारी की दिशा की विस्तृत जानकारी दी गई। रसायनशास्त्र विभाग, अंतर्गत गुणवत्ता हमी कक्ष (IQAC) और IIT बॉम्बे के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की जानकारी उपलब्ध कराना और उच्च शिक्षा के अवसरों के बारे में मार्गदर्शन देना था।
कार्यशाला में IIT बॉम्बे की साधन व्यक्तियों मुस्कान रस्तोगी और डुंगरसिंग राजपूत ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया। पहले सत्र में मुस्कान रस्तोगी ने GATE परीक्षा की जानकारी देते हुए प्रवेश आवेदन भरने की प्रक्रिया, परीक्षा का स्वरूप, परीक्षा शुल्क, परीक्षा केंद्र, पाठ्यक्रम और परीक्षा की तैयारी से जुड़ी विभिन्न जानकारियां विस्तार से बताईं।
दूसरे सत्र में डुंगरसिंग राजपूत ने JAM परीक्षा के संबंध में विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने परीक्षा की संरचना, पाठ्यक्रम, तैयारी की दिशा और उच्च शिक्षा के दृष्टिकोण से इन परीक्षाओं के महत्व को स्पष्ट किया। विद्यार्थियों ने भी मार्गदर्शकों से संवाद कर विभिन्न प्रश्न पूछे और अपनी शंकाओं का समाधान किया।
कार्यशाला की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. यु. आर. शिंदे ने की। अध्यक्षीय मनोगत में उन्होंने GATE और JAM जैसी परीक्षाओं के ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए महत्व को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मार्गदर्शन उपक्रमों से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उचित दिशा प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
कार्यशाला का प्रास्ताविक प्रा. प्रवीण खराडे ने किया। रसायनशास्त्र विभागप्रमुख प्रो. डॉ. एस. एम. पाटील ने स्वागत किया, जबकि डॉ. यू. बी. चौगुले ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर IQAC समन्वयक डॉ. एस. ए. व्हन्नाळकर, सायंस विभाग समन्वयक डॉ. सौ. एम. एस. देसाई, डॉ. व्ही. ए. जगताप, प्रा. सी. पी. भगत, प्रा. डी. बी. मोहिते, डॉ. एस. एम. बागवान, डॉ. सी. आर. पाटील, प्रा. एस. एम. वरुटे, सौ. धनश्री फडणीस और सौ. संचिता कुदळे सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक तथा तृतीय वर्ष के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को GATE और JAM परीक्षाओं की तैयारी तथा उच्च शिक्षा के अवसरों से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
गारगोटी : कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में आयोजित GATE और JAM मार्गदर्शन कार्यशाला में विद्यार्थियों को मार्गदर्शन करते हुए IIT बॉम्बे की साधन व्यक्ति मुस्कान रस्तोगी।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
