कामाठीपुरा पुनर्विकास परियोजना: दिवाली से शुरू होगा काम, म्हाडा ने किया करार
म्हाडा और विकासक कंपनियों के बीच समझौते के बाद 34 एकड़ में फैले परिसर का कायाकल्प होगा, पात्र निवासियों को 500 वर्गफुट के घर मिलेंगे।

तस्वीर में कामाठीपुरा पुनर्विकास करार के दौरान म्हाडा अधिकारी और प्रतिनिधि दिखाई दे रहे हैं।
मुंबई। मुंबई के ऐतिहासिक कामाठीपुरा समूह पुनर्विकास प्रकल्प के अमल में अब महत्वपूर्ण तेजी आई है। महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्रविकास प्राधिकरण (म्हाडा) के मुंबई इमारत दुरुस्ती व पुनर्रचना मंडल (MBRRB) के माध्यम से संचालित इस परियोजना के लिए भागीरथी हाऊसिंग प्रा. लि. और माथी डेव्हलपर्स के साथ कॉन्स्ट्रुकशन एंड डेव्हलपमेंट एजेन्सी (C&DA) करार किया गया है। परियोजना का प्रत्यक्ष काम दिवाली के शुभमुहूर्त पर शुरू किया जाएगा।
वांद्रे स्थित म्हाडा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में म्हाडा के उपाध्यक्ष तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जयस्वाल की उपस्थिति में मुंबई इमारत दुरुस्ती व पुनर्रचना मंडल के मुख्य अधिकारी मिलिंद शंभरकर और विकासक कंपनी के संचालक अतुल गोयल ने करार पर हस्ताक्षर किए।
करीब 34 एकड़ क्षेत्र में गली नंबर 1 से 15 तक यह समूह पुनर्विकास परियोजना प्रस्तावित है। इसमें करीब 475 उपकरप्राप्त और 259 गैर-उपकरप्राप्त इमारतें शामिल हैं। परियोजना से करीब 8,001 आवासीय एवं व्यावसायिक किरायेदार और निवासी तथा करीब 800 जमीन मालिक जुड़े हुए हैं।
यह पुनर्विकास परियोजना DCPR-2034 के विनियम 33(9) के तहत लागू की जा रही है। म्हाडा को परियोजना के लिए नोडल एजेंसी के साथ विशेष नियोजन प्राधिकरण का दर्जा दिया गया है। पात्र आवासीय किरायेदारों को 500 वर्गफुट क्षेत्रफल के पुनर्वास आवास दिए जाएंगे। व्यावसायिक गालाधारकों के पुनर्वास का भी प्रावधान किया गया है।
पुनर्विकास के बाद म्हाडा के लिए करीब 44 हजार वर्गमीटर का गृहसाठा उपलब्ध होगा। इसके माध्यम से करीब 900 अतिरिक्त आवासीय सदनिका प्रस्तावित हैं। नए विकास में आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों के साथ सार्वजनिक सुविधाएं, खुली और हरित जगहें, आंतरिक सड़कें, परिवहन व्यवस्था तथा आधुनिक नागरिक सुविधाएं शामिल होंगी।
पुनर्विकास अवधि के दौरान निवासियों को दो वर्ष का अग्रिम किराया और अगले एक वर्ष के चेक देने को मंजूरी दी गई है। स्थानांतरण के लिए ₹25 हजार की एकमुश्त राशि भी दी जाएगी। गैर-आवासीय गालाधारकों और जमीन मालिकों के लिए भी अलग किराया प्रावधान किए गए हैं।
इस करार के साथ कामाठीपुरा पुनर्विकास परियोजना ने नियोजन के चरण से प्रत्यक्ष क्रियान्वयन की दिशा में कदम बढ़ाया है। म्हाडा के उपाध्यक्ष तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जयस्वाल ने कहा कि C&DA करार के कारण कामाठीपुरा के पुनर्विकास ने नियोजन से प्रत्यक्ष क्रियान्वयन की ओर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नागरिकों का सुरक्षित, सम्मानजनक और आधुनिक जीवनस्तर इस परियोजना के केंद्र में है। कामाठीपुरा की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखते हुए यहां आधुनिक, टिकाऊ और नागरिक-केंद्रित परिसर विकसित करने का म्हाडा का प्रयास है। नागरिकों की भागीदारी, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के माध्यम से परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
दिवाली के शुभमुहूर्त पर प्रत्यक्ष काम शुरू होने के साथ कामाठीपुरा समूह पुनर्विकास परियोजना अब नियोजन से जमीन पर उतरने के चरण में पहुंच गई है। करीब 34 एकड़ क्षेत्र, 734 उपकरप्राप्त और गैर-उपकरप्राप्त इमारतों, 8,001 से अधिक किरायेदारों व निवासियों और करीब 800 जमीन मालिकों से जुड़ा यह करार परियोजना के अगले चरण की शुरुआत का आधार बना है।

Pratahkal Bureau
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